जिसकी जमीन राप्ती नदी में उसका आशियाना खुले आसमान में हुआ
September 23rd, 2019 | Post by :- | 167 Views

श्रावस्ती,(नितिश कुमार तिवारी)

छुट भैय्या दंबगो के सामने हुआ प्रशासन बौना,बरसात मे खुलेआम रहने को मजबूर महिलाए व बच्चे

दबंगो ने ढहा दिया गरीब महिला का आसियाना
प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से सभी गरीबो को छत देने का कार्य किया जा रहा है। वही सत्ताधारी पार्टी का नाम लेकर कुछ छुट भैय्या लोग दंबगई के बल पर आम गरीबो को बेघर करने पर जुटे हुए है।

जिससे सरकार की छवि पर बराबर बट्टा लगाने का कार्य किया जा रहा है। दबगंई के बलपर एक गरीब परिवार का मडहा को खुलेआम जमीदोज कर खुलेआम आसमान व बारिश मे रहने को मजबूर कर दिया गया।

पीड़ित महिला ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर इंसाफ की गुहार लगाई है।
थाना मल्हीपुर के सरहदी गांव बरगदहा के मजरा दुर्गापुरवा जो कि राप्ती नदी की कटान से प्रभावित रहा है। जिसपर ग्रामीणो ने कलकलवा मार्जिनल बांध के दक्षिण ओर शरण ली थी।

यहां पर आज से कई दशको पूर्व से ही आबादी की जमीन पर दर्जनो परिवारो ने सभी की सहमति से फूस, टीनशेड व पक्का मकान बनाकर अपने परिवार को आसरा दिया था।

लेकिन राजनीतिक कारणो के चलते दो दिन पूर्व यहां अपने छोटे-छोटे बच्चो के साथ रह रही मायादेवी पत्नी मनीराम के टीनसेड व फूस के मकान को सरकार की आड़ लेकर कुछ छुटभैय्या दबंगो ने प्रशासन को बरगलाकर दिनदहाड़े उजाड़ दिया।

साथ ही उनकी गृहस्थी का सामान फेंककर चूल्हा तक तोड़ दिया गया। जिससे बच्चो सहित पूरा गरीब परिवार बारिश के बीच खुले आसमान मे रहने को मजबूर है।
सूत्रो के अनुसार जहां यह मकान गिराया गया है उसी से मिलाजुला इसी आबादी की जमीन पर लगभग तीस परिवारो का कच्चा व पक्का मकान दशको पूर्व से बना हुआ है।

सवाल उठ रहा है कि अगर आबादी की जमीन पर बना एक मकान हटाया जा सकता है तो अन्य मकानो को क्यो छोड़ दिया गया। इसमे केवल छुटभैय्यो की राजनीतिक साजिश है। जिससे प्रदेश सरकार की छवि पर बट्टा लगाया जा रहा है।

पीड़िता मायादेवी ने एसडीएम जमुनहा को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
एसडीएम जमुनहा मयाशंकर यादव ने बताया कि आबादी की जमीन पर एक ही मकान को उजाड़ना गलत है। तहसीलदार को भेजकर इसकी जांच कराई जायेगी। पीड़िता को न्याय हर हालत मे मिलेगी। ग्राम पंचायत बरगदहा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संदीप जायसवाल ने बताया कि प्रशासन की ओर आबादी की जमीन से कब्जा हटाने को एक माह का समय दिया गया है।

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