जल संरक्षण और संवर्धन के लिये चलाया गया प्रचार अभियान–लोगों को किया जा रहा है जागरूक।
June 7th, 2021 | Post by :- | 144 Views

अम्बाला : अशोक शर्मा
उपायुक्त विक्रम सिंह ने निर्देशानुसार व जिला परिषद के सीईओ के मार्गदर्शन में आज जल शक्ति अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने का काम किया गया। आज निर्धारित कार्यक्रम के तहत अम्बाला ब्लॉक के गांव धुराला, मोटा माजरा, मटेडी जटान, जलबेड़ा, रवालों, बहबलपुर, बेगो माजरा, माजरी, लखनौर साहिब, मरदों साहिब, मिर्जापुर, धुराली व ठरवा में जल बचाओ अभियान के तहत प्रचार किया गया। इस संदर्भ में जब सीईओ अनुराग ढालिया से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जल शक्ति अभियान के तहत जल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। विभाग के अमले द्वारा जानकारी दी जा रही है कि बारिश के मौसम में जितना हो सके जल संग्रह के तहत अपने गांव या खेतों में रिचार्जिंग की व्यवस्था करें।
उन्होंने यह भी कहा कि जल शक्ति अभियान के तहत लोगों को इस बात के लिये जागरूक करना कि बदलते परिवेश में देखा जाये तो जल का बहुत महत्व है। जल के संरक्षण और संवर्धन का दायित्व हम सबके सांझे प्रयासों के तहत होना चाहिए। जिला प्रशासन के कार्यालयों को भी इस बारे में जागरूक किया गया है कि अपने-अपने कार्यालयों में चार्जिंग की व्यवस्था करवाएं ताकि जमीन के नीचे का जल स्तर अपेक्षाकृत बेहतर हो सके। वैसे भी जल संरक्षण के तहत जमीन की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और उत्पादन में भी अपेक्षाकृत वृद्घि होती है। इसलिये हम सबके लिये जल संचय अति आवश्यक है।
अम्बाला, अशोक शर्मा
हरियाणा सरकार द्वारा धान की फसल को वैकल्पिक फसलों जैसे कपास, मक्का, अरहर, मुंग, मोठ, उड़द, सोयाबीन, ग्वार, तिल, मुंगफली, फल व सब्जियां, खरीफ प्याज व खरीफ चारा द्वारा विविधिकरण करने के लिए मेरा पानी मेरी विरासत नामक एक योजना शुभांरभ किया है। यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डा0 गिरीश नागपाल ने देते हुए बताया कि किसान अपने पिछले साल बोये गए धान के क्षेत्र को उपरलिखित वैकल्पिक फसलों में बदल सकता है। फसल विविधिकरण करने वाले किसानों को 7000/- रूपये प्रति एकड़ की दर से वित्तिय सहायता प्रदान की जाएगी। स्कीम के तहत किसान द्वारा पिछले साल बोई गई धान के खेत को खरीफ 2021 में खाली रखने पर भी वित्तिय सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि खरीफ 2020 में मेरा पानी मेरी विरासत स्कीम के तहत धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलें बोने वाले किसान यदि इस साल भी धान के स्थान पर वैकल्पिक फसल लेता है तो किसान उक्त वित्तिय सहायता का हकदार होगा। उक्त योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को मेरा पानी मेरी विरासत पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। उक्त योजना के तहत धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलें बोने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा होने पर किसानों के हिस्से की राशि का वहन भी सरकार द्वारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यदि उपरलिखित वैकल्पिक फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है तो उक्त फसलों की खरीद हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
अत: किसान भाईयों से अनुरोध किया जाता है कि भूमिगत जल के संरक्षण हेतू धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलें बोने के लिए मेरा पानी मेरी विरासत पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं व अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क करें।

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