सरकार ने कोविड वैक्सिनेशन प्रक्रिया में किए कुछ नए बदलाव , जिन्हें आम जनता के लिए जानना जरुरी।
June 7th, 2021 | Post by :- | 190 Views

करनाल, हरियाणा (रजत शर्मा)। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि कोरोना की दोनो वैक्सीन सुरक्षित है। लोग कोरोना वैक्सीन को लेकर अफवाहों पर ध्यान ना दें और जल्द से जल्द अपना वैक्सीनेशन करवाएं।

कोरोना महामारी से बचाव में सुरक्षा कवच के रूप में वैक्सिनेशन बेहद जरूरी है। कोरोना से दूरी बनाने के साथ ही वैक्सिनेशन कोरोना संक्रमित होने पर भी पूरी तरह से सुरक्षित स्वास्थ्य बनाए रखने में सहयोगी होती है।

उन्होंने बताया कि कोरोना वैक्सिनेशन सुरक्षा का मजबूत आधार है, ऐसे में लोगों को वैक्सिनेशन प्रक्रिया में भागीदार बनते हुए कोरोना संक्रमण चक्र को तोडने में प्रशासन का सहयोगी बनना चाहिए।

सरकार ने कोविड वैक्सिनेशन प्रक्रिया में कुछ नए बदलाव किए हैं जिन्हें आम जनता के लिए जानना जरुरी है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 वैक्सिनेशन कार्यक्रम को शुरू हुए करीब चार माह से ज्यादा बीत चुके हैं और इन चार महीनों में टीकाकरण के दिशा निर्देशों में अब कुछ बदलाव लाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि सबसे बड़ा बदलाव कोविशील्ड के टीके के सम्बन्ध में है जिसमें अब पहली और दूसरी डोज के बीच 12 से 16 सप्ताह का अंतर रखा गया है जोकि पहले 6 से 8 सप्ताह का था।

उन्होंने आम जनता से अपील की कि जिन लोगों को कोविशील्ड की पहली डोज लग चुकी है अब वो दूसरी डोज लेने के लिए केवल 12 से 16 हफ्ते के दौरान ही वैक्सिनेशन के लिए सेंटर पर आएं, भले ही उन्हें पहले 6 हफ्ते बाद आने के लिए कहा गया हो या उन्हें ऐसा 6 हफ्ते वाला एसएमएस पहले मिला हो।

उन्होंने बताया कि कोविड की वेबसाइट में अब 12 हफ्ते से पहले किसी को भी दूसरी डोज का टीका लगाने का प्रावधान नहीं है, तो ऐसे में लोग परेशान न हों। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नए दिशा निर्देशों में अब स्तनपान करवाने वाली माताएं भी अपना कोविड टीकाकरण करवा सकती हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने कोविड से संबंधित नित नए आने वाले वैज्ञानिक प्रमाणों और अंतर्राष्ट्रीय अनुभवों के आधार पर विशेषज्ञों द्वारा दिए गए नए सुझावों को मान लिया है।

इनके अनुसार अब अगर किसी व्यक्ति का कोविड टेस्ट पॉजिटिव आता है तो वह ठीक होने के कम से कम तीन महीने के पश्चात ही कोविड वैक्सिनेशन करवा सकता है। इसी तरह अगर किसी कोविड के मरीज को अस्पताल में प्लाज्मा या मोनोक्लोनल एंटीबाडीज इलाज के लिए दी गयी हों तो ऐसे मरीज भी ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी मिलने के कम से कम तीन महीने के पश्चात ही कोविड टीकाकरण करवा सकते हैं।

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