प्राईवेट अस्पतालों में कोविड मरीजों से ओवर चार्ज की मिली शिकायतें, होगी कड़ी कार्यवाही-उपायुक्त निशांत कुमार यादव।
June 2nd, 2021 | Post by :- | 85 Views

करनाल, हरियाणा (रजत शर्मा)। प्राईवेट अस्पतालों में कोविड मरीजों के ईलाज को लेकर ओवर चार्जिज यानि ज्यादा बिल वसूल करने की शिकायतें मिलने पर प्रशासन ने कड़ा रूख अपनाया है, अब ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्यवाही होगी।

मंगलवार को उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष निशांत कुमार यादव ने इस मामले को लेकर लघु सचिवालय में सभी ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के साथ एक जरूरी मीटिंग कर अगले दो-तीन दिन में प्राईवेट अस्पतालों का ऑडिट करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि मार्च से मई माह तक जो-जो रोगी निजी अस्पतालों से डिस्चार्ज हुए हैं, उनके संपर्क नम्बर और ईलाज खर्च के बिल का रिकॉर्ड अस्पतालों से लेकर ऑडिट शुरू कर दें, सभी बिल चैक करें। विसंगति पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

उपायुक्त ने शहर के एक निजी अस्पताल का हवाला देते हुए कहा कि सरकार की ओर से कोविड मरीज के ईलाज के लिए आईसीयू बैड, ऑक्सीजन सिलेंडर, रेमडेसिविर के टीके और टैस्ट के जो रेट तय किए गए हैं। निजी अस्पतालों को उतना ही लेना चाहिए, उससे ज्यादा नहीं।

लेकिन अस्पताल की ओर से बिल में टीके और टैस्ट के ज्यादा रेट लिए गए हैं, जो किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर के ऐसे और भी अस्पताल होंगे, ऑडिट के बाद सबका पता चल जाएगा।

उपायुक्त ने बताया कि सरकार की ओर से ईलाज खर्च को लेकर जारी गाईडलाईन में सब कुछ स्पष्ट है, हर चीज के रेट तय किए गए हैं। उसके बावजूद ज्यादा चार्ज करना सीधे-सीधे 420 का केस बनता है। बिल में इसका रिकॉर्ड है, कोई भी इससे इंकार नहीं कर सकता।

एफआईआर दर्ज हो गई तो कौन बचाएगा। उन्होंने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि पैन्डेमिक अभी खत्म नहीं हुआ, केस जरूर कम हुए हैं। दोबारा ऐसी स्थिति न आए लेकिन आ गई तो रोगियों का निजी अस्पतालों में भी ईलाज होता रहेगा।

बैठक में मौजूद सिविल सर्जन डा. योगेश शर्मा ने बताया कि केसों की संख्या कम होने को लेकर निजी अस्पताल सब कुछ अभी सरेंडर न करें, नॉन कोविड के लिए 50 प्रतिशत बैड रखें।

हालात के आधार पर प्रशासन जब चाहेगा तब प्राईवेट अस्पतालों को नॉन कॉविड अस्पताल करेंगे। एक सटिफिकेट का डिजाईन बना रहे हैं, ड्यूटी मैजिस्टे्रट रोगी से बात कर और बिल के अवलोकन के बाद उसमें अस्पताल से सारी चीजें भरवाएंगे, सभी अस्पतालों की ओर से ऐसा सर्टिफिकेट देना होगा।

बैठक में एसीयूटी प्रदीप सिंह, एमडी शुगरमिल और प्राईवेट अस्पतालों में ईलाज की मॉनिटरिंग की नोडल अधिकारी अदिति, सीईओ जिला परिषद गौरव कुमार, सीटीएम अभय सिंह जांगड़ा, संयुक्त निगमायुक्त गगनदीप सिंह और ड्यूटी मैजिस्ट्रेट मौजूद रहे।

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