आयुष्मान योजना बनी गरीबों के लिए वरदान, कोरोना काल मे बीमार होने को मिल रहा 5 लाख तक का मुफ्त इलाज।
May 21st, 2021 | Post by :- | 74 Views

करनाल, हरियाणा (रजत शर्मा)। करनाल आयुष्मान भारत यानी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना गरीबों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। जो भी इस योजना से जुड़ा है, उसे खूब लाभ मिल रहा है। महंगी होती स्वास्थ्य सेवाओं के बीच गरीब परिवार को सरकार की तरफ से बड़ा तोहफा दिया गया है। पैसे न होने के बावजूद बीमार होने पर निजी अस्पतालों में जाकर कार्ड धारक लोग ईलाज करवा रहे हैं। गरीबों की सेहत को संजीवनी मिली है तो बदलते दौर में भी आयुष्मान वरदान ही साबित हुआ है।

सिविल सर्जन डा. योगेश शर्मा ने बताया कि जिसके पास गोल्डन कार्ड है उसे इलाज की पूरी सुविधा दी जा रही है। इस योजना में परिवार के प्रत्येक सदस्य को साल में पांच लाख रुपये का इलाज मिलेगा। मरीज पैनल में शामिल प्राइवेट अस्पताल में भी मुफ्त इलाज करवा सकता है।उन्होंने कहा कि करनाल जिले में 2011 गणना के अनुसार आयुष्मान योजना के तहत 4 लाख 20 हजार कार्ड बना दिए हैं।

करनाल जिले में 36 निजी और 9 सरकारी अस्पताल सरकार के पैनल पर है। डॉ योगेश शर्मा ने कहा कि जब से ये स्कीम लागू हुई है तब से सरकारी अस्पताल में 4 हजार और करीब 32 हजार लाभार्थी निजी हस्पतालों में अपना ईलाज करवा कर योजना का लाभ उठा चुके हंै। योजना के तहत 2 करोड़ 50 लाख करोड़ रुपये सरकारी एवं 24 करोड़ रुपये निजी अस्पतालों में ईलाज पर खर्च हुए है जिसमें से करीब 26 करोड़ 50 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है।

करीब तीन साल पहल शुरू हुई यह योजना उन गरीबों के लिए हैं जो 2011 में गरीबी रेखा से नीचे थे। योजना नागरिकों और उनके परिवार के सदस्यों को सामूहिक रूप से अस्पताल में प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के मुफ्त ईलाज की सुविधा प्रदान करता है। इसका लाभ पूरे भारत में कहीं भी सूचीबद्ध अस्पतालों में उठाया जा सकता है। मजदूरी का काम कर रहे करनाल के बांसा गांव के अजय के पास इतने रुपये नहीं थे की वह कहीं डायलिसिस करवा पाता।

उसने बताया कि जब सरकार ने ये योजना शुरू की तो उसका नाम भी योजना में शामिल हो गया। इसके बाद वह अब करनाल के एक निजी अस्पताल में कार्ड के माध्यम से ईलाज करवा रहा है इसी तरह सुरेंद्र भी एक गरीब परिवार से है। उसने बताया कि उसके पास इलाज के लिए रुपये नहीं थे। लेकिन कार्ड की बदौलत करनाल के एक निजी अस्पताल में उसका ईलाज सम्भव हो पाया।

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