टीम दीपेंद्र सदस्य अरूण खत्री बोले, टीकाकरण की दोहरी नीति युवाओं पर पड़ेगी भारी
May 13th, 2021 | Post by :- | 242 Views

बहादुरगढ़ लोकहित एक्सप्रेस ब्यूरो चीफ (गौरव शर्मा)

18 से 44 वर्ष आयु तक के लोगों के टीकाकरण में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शर्त हटाए सरकार : अरूण खत्री

* टीम दीपेंद्र सदस्य अरूण खत्री बोले, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के चक्कर में युवाओं का नहीं किया जा रहा है टीकाकरण

बहादुरगढ़। सरकार को अगर कोरोना पर काबू पाना है तो 18 से 44 वर्ष आयु तक के लोगों को बिना रजिस्ट्रेशन के जल्द से जल्द वैक्सीन लगाने का कार्य किया किया जाए। अरुण खत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार द्वारा लागू की गई दोहरी नीति के कारण 18 से 44 वर्ष आयु तक के लोगों का टीकाकरण के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है ओर यहीं शर्त युवाओं के टीकाकरण में सबसे बड़ी बाधा है जो युवाओं पर भारी पड़ सकती है। यह बात टीम दीपेंद्र के सदस्य एवं कांग्रेस नेता अरुण खत्री ने लाइनपार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। बीजेपी सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि अरुण खत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को इस नियम में बदलाव करते हुए जिस प्रकार की 45 वर्ष की आयु से ज्यादा लोगों को टीकाकरण केंद्रों पर मोबाइल नंबर और आधार कार्ड प्रस्तुत करने पर वैक्सीन लगाए जाने का प्रावधान है इसी तरह 18 से 44 वर्ष के लोगों को भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की बजाय मोबाइल नंबर व आधार कार्ड प्रस्तुत करने पर वैक्सीन लगाने का नियम लागू करना चाहिए। अरुण खत्री ने कहा कि रजिस्ट्रेशन के अभाव में युवा वर्ग वैक्सीन का टीका लगवाने के लिए शहर के सामान्य अस्पताल व टीकाकरण केंद्रों पर जाते है तो रजिस्ट्रेशन के चक्कर में उनको वैक्सीन का टीका नहीं लगाया जाता। अरुण खत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का टीकाकरण में यह दोहरा नियम देश के युवाओं पर भारी पड़ेगा क्योंकि जिस प्रकार कोरोना के रोजाना लाखों की संख्या में किस मिल रहे हैं उसको लेकर युवा वर्ग काफी चिंतित है। युवा वर्ग वैक्सीन लगवाना चाहता है मगर केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के नियम के तहत पंजीकरण न होने पर युवाओं को वैक्सीन का टीका भी नहीं लगाया जाता है। अरुण खत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा की खट्टर सरकार को कोरोना महामारी पर अंकुश लगाने के लिए उचित प्रंबंध करने हेतु पिछले एक साल से लगातार सलाह देनेे का काम कर रहे हैं मगर खट्टर सरकार संसाधनों को बढ़ाने के लिए धरातल पर कार्य करने की बजाय सिर्फ बयानबाजी करने में ही लगी हुई है जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता भुगत रही है।
     चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था बनी चिंता का विषय
टीम दीपेंद्र सदस्य एवं कांग्रेस नेता अरुण खत्री ने कोरोना के बढ़ते मामलों और चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरी चिंता जाहिर की है। अरुण खत्री ने प्रशासन को सलाह देते हुए कहा कि जिला प्रशासन को सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजो को इलाज के लिए बेड नहीं मिलने की समस्या का समाधान करते हुए शहर के निजी होटलों ,धर्मशालाओं व सामुदायिक भवनों में अस्थाई कोविड वार्ड बनाने चाहिए, जहां पर कोरोना से जूझ रहे मरीजों के इलाज की अस्थाई व्यवस्था की जा सके। जिला झज्जर में सैकड़ो मरीज होम आइसोलेशन के तहत उपचार ले रहे है। इस बात को ध्यान में रखते हुए देखते आने वाले समय में बहादुरगढ़ व झज्जर में अस्थाई कोविड सेंटर बनाने की व्यवस्था जिला प्रशासन के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। अरुण खत्री ने कहा कि समाचार पत्रों में प्रदेश भर से अस्पतालों में आक्सीजन की कमी, इंजेक्शन की कमी, बेड न मिलना व दवाइयों की कमी की खबरें लगातार आ रही है। कांग्रेस नेता अरुण खत्री ने कहा कि भाजपा जजपा सरकार को कोरोना काल के इस मुश्किल के वक्त में लोगों की मदद के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए। अरुण खत्री ने कहा कि वर्तमान में डॉक्टर, नर्सिंग, मेडिकल स्टाफ पुलिस, सफाई कर्मचारी कम से कम संसाधनों के साथ अपनी सेवाएं देनी पड़ रही है। प्रदेश सरकार को बीते एक वर्ष में कोरोना आपदा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य संसाधनों में बढ़ोतरी करनी चाहिए थी। मगर सरकार ऐसा करने में सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई और इसका खामियाजा प्रदेश की जनता भुगत रही है।
फोटो कैप्शन :- पत्रकारों से बातचीत करते हुए टीम दीपेंद्र के सदस्य एवं कांग्रेस नेता अरूण खत्री।

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