लॉकडाउन से घोडा बगगियों का कारोबाद ठप, सडक किनारे धूल फांक रही हैं बगगियां
May 13th, 2021 | Post by :- | 88 Views

होडल, (मधुसूदन भारद्वाज): प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर लॉकडाउन लगाया गया है, लेकि न लॉकडाउन के बाद से जहां शहर के परचून, केमिस्ट, सब्जी, डेरी, फल व अन्य जरूरत का सामान बेचने वालों के अलावा अन्य सभी दुकानदार अपने घरों पर ही हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। मार्च महीने से ही शादियों का सीजन शुरु हो जाता है जोकि मई माह तक चलता है लेकिन तीप अप्रैल से ही लॉकडाउन होने के कारण बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है, जिसके कारण दुल्हे का सेहरा,जूते,कपडे व दुल्हन के मेकअप का सामान बेचने वालों के अलावा ब्यूटी पार्लर,ज्वैलरी,लेंहगा चुन्नी व अन्य सम्बंधित सामान बेचने वालों का कारोबाद भी बंद पडा हुआ है। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन से ही इनका कारोबार बंद पडा हुआ है। हालांकि पिछले लॉकडाउन के बाद बाजार में दुकानें खुली थीं लेकिन उस दौरान शादियों का सीजन समाप्त हो चुका था। अब जब शादियों का सीजन शुरु हुआ तो लॉकडाउन लग गया।

*लॉकडाउन के कारण बैंड बाजे से लेकर वैंकेट हाल का कारोबाद हुआ ठप*
लॉकडाउन लगने से जहां शादियों में सहनाई, बैंड बाजे,ढोल,डोली की गाडियां, घोडी, बगगी, वैंकेट हाल, फोटो ग्राफर,फूल, डीजे, टैंट,वेटर, क्राकरी, तंदूर व सजावट का सामान उपलब्ध कराने वाले सहित सभी का धंधा चौपट हो चुका है। हालांकि पिछले महीने तक सरकार की हिदायतों के अनुसार कुछ शादियां हो भी रहीं थी लेकिन वह भी बडी सादगी और बगैर बैंड बाजों और बगैर बगगी के ही सम्पन्न हो गईं। अब सरकार द्वारा वैंकेट हालों में शादियों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने और खुले में भी मात्र गयारह बारातियों से शादी सम्पन्न कराने की हिदायत के बाद तो इनका कारोबार पूरी तरह से ठप होकर रह गया है। लडका और लडकी का रिस्ता पक्का होते ही हलवाई,बैंड बाजा,डोली की गाडी,टैंट,बगगी व फोटोग्राफर की बुकिंग शुरु हो जाती हैं लेकिन पिछले एक साल से उक्त कारोबार करने वालों के सामने रोजी रोटी की समस्या बनी हुई है। इनमें बैंड बाजे, ढोल, बगगी, टैंट, वैंकेट हाल, लाईट, डेकोरेशन सहित कुछ कारोबार तो ऐसे भी हैं जिनके सहारे दर्जनों अन्य लोगों का भी रोजगार चलता है। आज हालात ये हैं कि शादियों के सीजन में भी विवाह के लिए आयोजक हलवाई के पास पहुंचकर मात्र दो दर्जन लोगों का खाना बनवाने के लिए बुक कराने को मजबूर हो रहे हैं। लॉकडाउन के बाद से तो अधिकांश समारोह बंद पडे हुए हैं या फिर कम भीड के साथ अपने घरों में ही किए जा रहे हैं। जिसके कारण इस प्रकार के दुकानदारों का कारोबाद पूरी तरह से चोपट हो चुका है। एक ओर लॉकडाउन ओर सरकार की सख्त हिदायतों के कारण जहां ढोल और बैंड दीवारों पर टंगे हुए हैं तो बगगी गाडियां भी सडक किनारे खडी धूल फंाक रही हैं।

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