राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ोंदा में स्कूल प्रबंधन समिति का एक दिविसीय प्रशिक्षण आयोजित
September 22nd, 2019 | Post by :- | 412 Views

कुरुक्षेत्र, लोकहित एक्सप्रेस, (अनिल सैनी) । राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ोंदा में क्लस्टर स्तर पर स्कूल प्रबंधन समिति का एक दिविसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन बड़ोंदा गाँव के सरपंच रघुबीर जी व सरपंच गाँव बनी के द्वारा किया गया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता अमरजीत, प्राचार्य रावमा विद्यालय बनी  के द्वारा की गई। उन्होंने एस.एम.सी. के स्वरूप, उसकी संरचना, दायित्व, भागीदारी, सरकारी अनुदान राशि का खर्च एवम लेखा रिकॉर्ड व मिड-डे-मिल योजना पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।

विद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला परियोजना समन्वयक रामदिया गागट जी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालयों में स्कूल प्रबंधन समिति के महत्व पर व समग्र शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित योजनओं व स्कूल अनुदान पर जानकारी प्रदान की।    इस एस.एम.सी. प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्र छात्राओं का सर्वांगीण विकास करना था। सहायक जिला परियोजना समन्वयक सतबीर कौशिक ने बताया कि किस प्रकार माता-पिता या एस.एम.सी. सदस्य स्कूल प्रबधन में अपनी भूमिका निभा सकते है।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ोंदा के प्राचार्य जोगिन्द्र सिंह ने बताया कि माता-पिता या एस.एम.सी. सदस्यो के साथ मिलकर विद्यालय की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।   इस अवसर पर अनिल सैनी प्रवक्ता राजनीति विज्ञान ने स्कूल प्रबंधन समिति का स्कूल में योगदान व समग्र शिक्षा के अंतर्गत चलने वाली योजनओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एबीआरसी कोमल ने एस.एम.सी. प्रशिक्षण कार्यशाला के महत्व पर जानकारी प्रदान की। किस प्रकार से माता-पिता जागरूक होकर छात्रों का सर्वांगीण विकास कर सकते है।

इस अवसर पर 12 स्कूल से  एस.एम.सी. प्रधान व सदस्यों ने भाग लिया। विभिन्न स्कूल से आए अध्यापक सतबीर नरवाल, सुनीता रानी, राजीव, दीपक दहिया, जसबीर सिंह, मुकेश कुमार, शिव कुमार, जितेन्द्र सैनी, जनकराज, रूपराज, अमरजीत, चन्दगीराम, वीरेंद्र राठी, धर्मबीर व कपिल पंडित ने सहभागिता की।

 

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।