कोरोना वैश्विक महामारी के संकटकाल में संस्थाएं व साधन सम्पन्न व्यक्ति आगे आकर दे रहे हैं अपना सहयोग–गृह, शहरी स्थानीय निकाय एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने की सराहना।
May 8th, 2021 | Post by :- | 91 Views

अम्बाला:अशोक शर्मा।
गृह, शहरी स्थानीय निकाय एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को अंबाला छावनी की सनातन धर्म सभा के सदस्यों ने उनके आवास पर मुलाकात कर उन्हें कोरोना पीडि़तों की मदद के लिए लगभग एक लाख रूपये की राशि के 500 स्टीमर डोनेट किये। यह स्टीमर कोरोना ग्रसित मरीजों के लिए बहुत लाभकारी हंै। इसी प्रकार राहुल जैन यूएस इंटरप्राइजेज अम्बाला कैंट ने इलेक्ट्रिकल गुड्स ने 100 पीपी किट , 50 स्कैनर, 50 ओक्सीमीटर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को सौंपे। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कोरोना वैश्वीक महामारी के इस संकटकाल में जनसेवा के लिए आगे आ रही इस धार्मिक संस्था का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि संकट के समय धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं एवं साधन सम्पन्न व्यक्तियों के द्वारा जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आकर सहयोग करना काबिलेतारीफ है। इससे जहां दूसरे लोगों को भी प्रेरणा मिलती है वहीं समाज में आपसी भाईचारे की भावना को भी बल मिलता है। इस अवसर पर सभा के प्रधान प्रो0 ताराचंद, वाईस पै्रजीडैंट संदीप अग्रवाल, महासचिव सुधीर विंडल्स, कार्यकारिणी सदस्य नवल सूद, राकेश गुप्ता व अन्य मौजूद रहे ।
उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के इस काल में दुनिया जहां अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ रही है, तो वहीं ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कि इंसानियत के लिए मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। बडप्पन का परिचय देते हुए जनता के इलाज के लिए जरूरत का सामान दान कर सरकार के साथ भी सहयोग कर रहे हैं। इसी कड़ी में अंबाला छावनी की सनातन धर्म सभा के सदस्यों ने आज हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से उनके आवास पर मुलाकात कर उन्हें कोरोना पीडि़तों की मदद के लिए 500 स्टीमर डोनेट किये। यह स्टीमर कोरोना ग्रसीत मरीजों के लिए बहूत लाभकारी हैं। बता दें कि गृह मंत्री अनिल विज ने ये सारा सामान अंबाला छावनी के डाक्टर्स को सौंप दिया है।
मंत्री अनिल विज के पास दानवीरों के आने का सिलसिला लगातार जारी है। लोग इस महामारी के दौर में जनता की सेवा के लिए हाथ आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं एक व्यक्ति ने 100 पीपीई किट, 50 थर्मल स्कैनर, 50 आक्सीमीटर दान किए। जो कि कोरोना मरीजों और उनके परिजनो के लिए मददगार साबित होंगे। इसके साथ ही इन दानवीरों ने भी मंत्री अनिल विज का आभार जताते हुए स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए अम्बाला छावनी क्षेत्र में करोड़ों रूपये की राशि से हुए विकास कार्यों के लिए उनका धन्यवाद किया।
गौरतलब है कि दानवीरों के द्वारा मदद का सिलसिला यहीं पर नहीं रूका है। वहीं बीते दिनों अंबाला के मैरिज बैंकवेंट हाल एसोसिएशन ने मंत्री अनिल विज को 2 लाख की राशि मुख्यमंत्री राहत कोविड कोष में जमा करवाने के लिए दिए थे। इस तरह की राशि कोरोना मरीजों के इलाज में मददगार साबित होगी। उनके लिए दवाइयां, बेड व उपकरण की व्यवस्था जुटाने में काम आ सकेंगे।
बता दें कि इससे पहले भी गुरूग्राम की एक संस्था ने भी 15 आक्सीजन कंसट्रेटर दान किए थे। गृह मंत्री अनिल विज से मुलाकात कर सभी आक्सीजन कंसट्रेटर उन्हें सुपुर्द किए थे। आक्सीजन कंसट्रेटर आज के समय में कोरोना मरीजों के लिए काफी जरूरी साबित हो रहे हैं। क्योंकि ऐसा देखा जा रहा है कि कोरोना संक्रमित होने पर कुछ लोगों को सांस की दिक्कत होने लगती है। ऐसे में आक्सीजन कंसट्रेटर उन्हें सांसे देने काम करेंगे।
ऐसे दानवीर लोगों से कालाबाजारी करने वालों को सबक लेना चाहिए। जो कि मुश्किल की घड़ी में भी मुनाफाखोरी और जमाखोरी करने पर तुले हुए हैं। दानवीर लोगों से सीखना चाहिए कि मुश्किल में इंसान ही इंसान के काम आता है। यही एक सही वक्त है जब हर कोई कंधे से कंधा मिलाकर इंसानियत और देश के लिए सेवा कर सकता है।
-प्रोनिंग प्रक्रिया (पेट के बल लेटना) कोविड-19 मरीजों हेतु ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने में सहायक:-एसडीएम डा0 वैशाली शर्मा।
अम्बाला/नारायणगढ़, 8 मई :- एसडीएम डा0 वैशाली शर्मा ने कहा कि प्रोनिंग प्रक्रिया (पेट के बल लेटना) कोविड-19 मरीजों हेतु ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने में सहायक है। यदि आप कोविड के मरीज हैं और घर पर ही क्वारंटाइन है तो प्रोनिंग की प्रक्रिया के द्वारा आप अपने ऑक्सीजन के स्तर को सुधार सकते हैं। आपकी जागरूकता ही आपको इस बीमारी से लडऩे में सहायक सिद्ध होगी। एसडीएम डा0 वैशाली शर्मा जोकि एमबीबीएस भी हैं, ने कहा कि प्रोनिंग प्रक्रिया से व्यक्ति अपनी ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ा सकता है।
कोविड-19 मरीज खुद अपनी देखभाल के लिए प्रोनिंग की मदद लें:-
प्रोनिंग मरीज के शरीर की पॉजिशन को सुरक्षित तरीके से परिवर्तित करने की एक प्रक्रिया है, जिसमें पीठ के बल लेटा हुआ मरीज जमीन की तरफ मुंह करके पेट के बल लेटता है। चिकित्सा के क्षेत्र में प्रोनिंग शरीर की एक स्वीकृत अवस्था है, जो सांस लेने की प्रक्रिया को आरामदायक बनाती है और शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाती है। सांस लेने में तकलीफ वाले कोविड-19 मरीजों, विशेषकर होम आइसोलेशन वाले कोविड मरीजों के लिए प्रोनिंग की प्रक्रिया काफी फायदेमंद है।
प्रोनिंग (पेट के बल लेटने) का महत्व:-
वैंटिलेशन को बढ़ाती है, श्वसन कोशिकाओं को खोलकर आसानी से सांस लेने में मदद करती है। इसकी आवश्यकता केवल उसी स्थिति में है, जब मरीज को सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही हो और उसका एस.पी.ओ.-2 का स्तर 94 से नीचे चला गया हो। होम आइसोलेशन के दौरान तापमान, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर जैसे अन्य लक्षणों के अलावा एस.पी.ओ.-2 को नियमित रूप से मॉनिटर करना बेहद महत्वपूर्ण है। हाइपोक्सिया (ऑक्सीजन सर्कुलेशन की कमी) मरीज की हालत और ज्यादा बिगडऩे का कारण बन सकती है। उचित समय पर प्रोनिंग और वैंटिलेशन की बेहतर व्यवस्था से कई जिंदगियां बचाई जा सकती है।
प्रोनिंग के दौरान तकिया लगाने का सही तरीका:-
एक तकिया गर्दन के नीचे रखें, एक या दो तकिये छाती और जांघ के उपरी हिस्से की बीच रखें, दो तकिये पैर की पिंडलियों के नीचे रखें।
सेल्फ-प्रोनिंग के लिए:-
आपको 4 से 5 तकियों की जरूरत होगी। लेटने की पॉजिशन में नियमित रूप से बदलाव करते रहना होगा। किसी भी पॉजिशन पर 30 मिनट से ज्यादा का समय न लगाएं, 30 मिनट से 2 घंटे तक पेट के बल लेंटे, 30 मिनट से 2 घंटे तक दाईं तरफ करवट से लेटें, 30 मिनट से 2 घंटे तक बाईं तरफ करवट से लेटें, 30 मिनट से 2 घंटे तक शरीर के उपरी हिस्से को उपर उठाएं और बैठ जाएं, फिर से 1 नंबर वाली पॉजिशन पर वापस लौटें और पेट के बल लेटें।
इन परिस्थितियों में प्रोनिंग से बचें:-
गर्भावस्था, डीप वेनस थ्रोम्बॉसिस (जिसका उपचार 48 घंटे के भीतर हुआ हो), ह्दय संबधी प्रमुख बीमारियों की स्थिति में, अस्थिर रीढ़, जांघ या कूल्हे की हड्डी फ्रैक्चर होने की स्थिति में, भोजन के बाद करीब एक घंटे तक प्रोनिंग न करें, प्रोनिंग को केवल तब तक करें जब तक आप इसे आसानी से कर पा रहे है। अधिक जानकारी के लिए राज्य हेल्पलाईन नम्बर 8558893911 (गुरूग्राम व फरीदाबाद) व अन्य जिलों के लिए 1075 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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