पीलीभीत : सेना में भर्ती हुए जवान का अपने घर प्रथम आगमन पर स्थानीय लोगो ने फूल मालाओं से किया जोरदार स्वागत
March 9th, 2021 | Post by :- | 151 Views

पीलीभीत : सेना में भर्ती हुए जवान का अपने घर प्रथम आगमन पर स्थानीय लोगो ने फूल मालाओं से किया जोरदार स्वागत

अब लोग मेरे नाम से नहीं देश की हर मां पिता का बेटा कहलाएगा मुझे इस बात पर ही गर्व है यह मेरा सौभाग्य है कि देश सेवा के लिए मेरा बेटा समर्थित 

पीलीभीत, विक्रांत ऋषि । पीलीभीत निवासी विकास यादव पुत्र राकेश यादव बचपन से ही देश सेवा का संकल्प लिए साधारण परिवार में पढाई लिखाई पूरी कर सन 2018 में इंटरमीडिएड की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद लगातार सेना भर्ती के लिए तैयारी करने वाले विकास यादव ने 2018- 19 में हुई सेना भर्ती की परीक्षा पास करने के बाद देश सेवा का संकल्प लिए अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के बाद 02 सितंबर 2019 को भारत सेना में तैनाती मिल ही गई, पीलीभीत के साधारण डेयरी संचालक  के पिता का पुत्र करीब तीन वर्ष बाद सेना भर्ती में चयन होने के बाद छुट्टी पर घर लौटा तो स्थानीय लोगों सहित इंडियन के लिए सभासद भाजपा नेता जगन्नाथ उर्फ प्यारेलाल ने भारत सेना के जवान का ढोल नगाड़ों व फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया। साथ ही अपने क्षेत्र से देश सेवा में भर्ती हुए जवान को शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

*मुझे गर्व है कि मेरा बेटा अब मेरा ही नहीं देश के हर माता पिता का बेटा है- राकेश यादव*

हमारे बेटे विकास का बचपन से ही सपना था कि वो इंडियन आर्मी में भर्ती होकर देश की सीमा पर तैनात होकर देश के दुश्मनों को खत्म करना चाहता था, यही नहीं मेले या स्थलो पर जाकर बंदूकें खरीदना आर्मी जैसे ड्रेस अप यूनिफॉर्म में रहना उसे पसंद था, लेकिन शायद मुझे लगता था, कि एक साधारण सा डेयरी चलाने वाले का बेटा भी कभी आर्मी भर्ती में जा पायेगा या नहीं ये बात बहुत बड़ी लगती थी । लेकिन मेरे बेटे की मेहनत और लगन के साथ साथ सभी बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद रहा और मेरी कामना पूर्ण होने के साथ साथ मुझे अपने आप पर इसलिए भी गर्व है, कि मेरा बेटा अब मेरा ही नहीं पूरे देश का बेटा कहलाएगा जिसे दुनियाया सेल्यूट कर उस भारत के सुपर्द कर देश सेवा का पुण्य कमाएगा मुझे बेहद खुशी है,वहीं सेना में भर्ती हुए विकास यादव का कहना है मेरा बचपन से देश सेवा का संकल्प पूर्ण हुआ। जिसका क्षेय मेरे पापा और बड़े भाई सहित मां को जाता है, क्यों कि पिता व भाई ने डेयरी में मेहनत करके मुझे किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी और मां ने मेरी सेहत का ख्याल ठीक से रखा जिससे मेरा जीवन का लक्ष्य आज सफल हो गया मैं बहुत खुश हूँ, और कहना अपने बीच साथ के लोगो से कहना चाहता हूँ कि माता पिता की उम्मीद के तारे बनकर चमकोगे जरूर बस मेहनत और उम्मीद कभी मत छोड़ना तो जीवन की हर जंग जीतोगे जरूर जय हिंद जय भारत ।

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