एनजीटी की टीम ने बायो मेथेनेशन गैस बनाने की सराहना की।
March 4th, 2021 | Post by :- | 269 Views

पंचकूला।(मनीषा) नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के एग्जीक्यूटिव कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम पाल और सदस्य उर्वशी गुलाटी ने नगर निगम द्वारा बायो मेथिनेशन प्लांट में गीला कूड़ा प्रोसेस करके गैस बनाने की सराहना की है । एनजीटी की सदस्य उर्वशी गुलाटी ने आज निरीक्षण के दौरान शहर में गीला कूड़ा प्रोसेस करने के बारे में जानकारी मांगी तो नगर निगम प्रशासक आरके सिंह ने बताया कि पंचकूला में गीले कूड़े से जटवाड़ में लगाए गए प्लांट में गैस तैयार की जा रही है, जोकि प्राइवेट संस्थानों को बेची जाएगी। बायो मेथेनेशन प्लांट में गीला कूड़ा को प्रोसेस करने के बाद ऐनोरोबिक डायजेशन की जाती है। बायो ग्राइंड करने के बाद लिचेड के साथ बड़े डायजेस्टर में डाल देते हैं, जिसके वैक्टीरियल कल्चर डाल दिया जाता है। ऐनोरोबिक डायजेशन में आक्सीजन ना होने के चलते यह काम करता है। जिससे मिथेन और सलरी निकालता है। सलरी को ड्राई ओरगेनिक मेन्योर बनाया जा रहा है। जिसके बाद मिथेन गैस और बायो गैस बना दी जाती है, जोकि सीएनजी ग्रेड की होती है, जिससे वाहन चल सकते हैं और खाना बनाने के काम आती है। पंचकूला में बने इस प्लांट से गोपाल स्वीट्स को गैस की सप्लाई की जा रही है। इस समय रोजाना साढ़े 400 से 500 किलो गैस का निर्माण किया जा रहा है। इस प्लांट में रोजाना 45 से 46 टन कूड़ा लेने की कैपेसिटी है, जबकि इस समय 20 से 25 टन गीला कूड़ा शहर से आ रहा है। यह प्लांट लगाने के लिये नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से नगर निगम पंचकूला को कहा गया था। 26 जुलाई 2020 को एमसी कूड़ा इस प्लांट पर पहुंचाना शुरु किया गया। पूरे देश में दो ही प्लांट है, जिसमें एक इंदौर और दूसरा पंचकूला में है। प्रीतम पाल सिंह और उर्वशी गुलाटी ने नगर निगम प्रशासक आरके सिंह को बधाई दी और कहा कि ज्यादा से ज्यादा कूड़ा प्रोसेस करके उसकी खाद और गैस बनाई जाए। कहीं भी इस टैक्नोलॉजी से कूड़ा प्रोसेस नहीं हो रहा है।

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