नगर निगम पंचकूला ने स्वच्छता अभियान के तहत एक नई पहल करते हुये बनाई अभिनव योजना।
February 24th, 2021 | Post by :- | 193 Views

पंचकूला। (मनीषा) नगर निगम के मेयर  कुलभूषण गोयल व निगम आयुक्त  आर.के.सिंह ने स्वच्छता सर्वेक्षण,2021 के तहत पंचकूला को नम्बर वन पर लाने के लिये पूरी कमर कसी हुई है और इस दिशा में स्वच्छता अभियान को जन आन्दोलन बनाने के लिये विभिन्न गतिविधियां चला कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पंचकूला प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिये एक अनूठी पहल की है जिसके तहत निगम ने  अभिनव योजना  बनाई है। इस योजना के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक की जगह कंपोस्टेबल बैग से बदला जायेगा। रोजमरहा जिन्दगी में प्रयोग होने वाले प्लास्टिक बैग,प्लास्टिक गिलास, प्लास्टिक चमच आदि की जगह कंपोस्टेबल मटिरियल से तैयार सामान उपलब्ध करवायेगी। लैटस गो ग्रीन का सन्देश  एक अनूठी पहल होगी। इस अभिनव योजना  के तहत स्वंय सहायता समूह को जोड़ा गया है । स्वयं सहायता समूह को यह कार्य उपलब्ध करवा कर बैग व बर्तन बनवाए जायेगें। यह सामान एनजीओ हरियाणा नव युवक कला संगम के माध्यम से बिक्री के लिये   इको मार्ट से बेचे जायेगे। पंचकूला शहर में लगभग 4000 स्ट्रीट वेन्डर है जो इस योजना के तहत प्रथम चरण में प्लास्टिक रिपलेस किये जायेगे। निगम द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के चलते एक अनूठी पहल होगी।
मेयर व आयुक्त ने इस स्कीम के तहत होने वाले लाभों के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि शत प्रतिशत बायोडिग्रेडेबल,कंपोस्टेबल कृषि भूमि की मृदा को उपजाऊ बनाता है। इसके साथ साथ गिरावट(कंपोस्ट होने)के बाद भारी धातुओं के कारण मिट्टी को नुकसान नही पहुचाता और छोटे कणों के बजाय सुरक्षित बायोमास में परिवर्तित हो जाता है। हम जैसे धन का संचय अपने भविष्य के लिये करते है,ठीक उसी प्रकार से हमें अपनी पृथ्वी का संरक्षण करना चाहिये।
उन्होंने बताया कि यह बैग हवा,पानी,धूप इत्यादि प्राकृतिक वातावरण में आने के बाद डी-ग्रेड होना शुरू हो जाता है। डी-ग्रेड होने के लिये सबसे उपयुक्त जगह गंदे नालों का पानी है,जिसमें मीथेन नामक कैमिकल पाया जाता है । इसके सम्पर्क में आते ही यह बहुत तेजी(15 दिनों में ही)डी-ग्रेड हो जाता है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता अभियान के तहत इस योजना के युद्व स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा रहा है ताकि शहर को प्लास्टिक मुक्त किया जा सके।

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