2018 के नव चयनित व्याख्याता आरपीएससी के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर
February 23rd, 2021 | Post by :- | 111 Views

बीकानेर नव चयनित व्याख्याता नियुक्ति की मांग को लेकर आज मंगलवार से आरपीएससी के समक्ष अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए हैं । उनकी मांग है कि जब तक नियुक्ति के आदेश नहीं दिए जाते तब तक पीछे नहीं हटेंगे । आज धरने के पहले दिन अजमेर व आस पास के जिलों के लोग धरना स्थल पर पहुंचे । आपको बता दे की गत सोमवार को नियुक्ति देने की मांग को लेकर काफी संख्या में नव चयनित व्याख्याता आरपीएससी सचिव व उपसचिव से मिलकर ज्ञापन दिया था उनकी मांग थी कि व्याख्याता भर्ती परीक्षा 2018 के सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति शीघ्र दी जाए । लेकिन आरपीएससी अधिकारियों के द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण आज से अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया गया । आज धरना स्थल पर धर्मेश ,श्रीराम सैनी , दीपक खिची , शैलेंद्र सिंह ,रामावतार ,कविता के अलावा बड़ी संख्या में महिला व पुरुष नव चयनित व्याख्याता मौजूद थे।

जब तक आदेश नहीं तब तक हटेंगे नहीं
धरना स्थल पर बैठे सभी नव चयनित व्याख्याताओं का कहना है कि जब तक हमे नियुक्ति आदेश नहीं मिलते है तब तक हम
हटेंगे नहीं । धरना स्थल पर बैठे धर्मेश ,राम सेनी ,कविता ने सभी चयनित अभ्यर्थियों से धरना स्थल पर पहुचनें की अपील की । उन्होंने कहा कि सफल सूची में आने के बाद नियुक्ति के लिए हमे अपने हक के लिए भी आंदोलन करना पड़ रहा है क्या ये उचित है ? उन्होंने सरकार से मांग की है कि शीघ्र अति शीघ्र नियुक्ति आदेश जारी करे ताकि हमे बेरोजगारी से मुक्ति मिले । आपको बता दे की भाजपा सरकार ने लास्ट कार्यकाल के दौरान अप्रैल 2018 में 5000 व्याख्याताओं की भर्ती निकाली थी । बाद में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद जनवरी 2020 में पेपर करवाया था । पेपर के बाद आज तक 14 महीने होने को है । अन्तिम परिणाम आ गया है । अठारह विषय की काउंसलिंग भी निदेशालय बीकानेर में हो चुकी है यहां तक कि स्कूल भी अलॉटमेंट किए जा चुके है ,लेकिन नियुक्ति का रास्ता अभी साफ नहीं हो पाया है । अभी भी नव चयनित व्याख्याताओं को निराशा झेलनी पड़ रही है । हर किसी चयनित अभ्यर्थी के दिमाग में एक ही सवाल की आखिर कब मिलेगी नियुक्ति । ट्विटर पर भी लगातार मुहिम इनकी जारी है । मुख्यमंत्री , शिक्षा मंत्री, आरपीएससी , को लगातार ट्वीट किए जा रहे है ।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।