सघन पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान 14 फरवरी को
February 8th, 2021 | Post by :- | 124 Views

धर्मशाला, 08 फरवरी: कांगड़ा जिला में सघन पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत 14 फरवरी को आयोजित किया जाएगा जिसमें कांगड़ा जिला में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1,22,265 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त राहुल कुमार ने डीआरडीए के सभागार में  पल्स पोलियो अभियान की जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।

अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान के तहत कांगड़ा जिला में पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 1070 बूथ स्थापित किये जाएंगे। इसके साथ 22 ट्रॉजिट पॉइंट (बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, झुग्गी झोपड़ी, ईंट के भट्टे, भवन निर्माण स्थल)पोलिंग बूथ लगाए जाएंगे, जिनमें पोलियो की बूंदें पिलाई जाएंगी। इसके लिए जिला भर में 4280 टीम के सदस्य नियुक्त किये गये हैं, 2013 सुपरवाईजरों की देख-रेख में यह सदस्य कार्य करेंगे। टीकाकरण के सभी सदस्य 14 फरवरी के दिन बूथ पर दवाई पिलाएंगे और 15 तथा 16 फरवरी को घर-घर जाकर इस अभियान में छूटे बच्चों को पोलियों की दवाई पिलाई जाएगी।
उन्होंने समस्त विभागाध्यक्षों को निर्देश देते हुए कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ इस कार्य को करने में अपना सहयोग दें ताकि 0 से 5 साल का एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी अभिभावकों से अनुरोध किया है कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए 0 से 5 साल के बच्चों को 14 फरवरी के दिन नजदीकी पोलियो बूथ में जा कर दो बूंद पोलियो की अवश्य पिलाएं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला के सभी लोगों से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा सभी अभिभावकों से रचनात्मक सहयोग देने का आग्रह किया है।
एडीसी ने छोटा तथा बड़ा भंगाल क्षेत्र में भी इस अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये।
इससे पहले सीएमओ गुरदर्शन ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए पोलियो अभियान की तैयारियों को लेकर विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर पुलिस विभाग, आईसीडीएस, ग्रामीण एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।