हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने लघु सचिवालय बराड़ा में मुख्यमंत्री के नाम एस.डी.एम. को ज्ञापन सौंपा
September 18th, 2019 | Post by :- | 80 Views

अंबाला , बराड़ा ( गुरप्रीत सिंह मुल्तानी )

16 सितम्बर को कंप्यूटर अध्यापकों एवं लैब सहायकों पर हुए लाठीचार्ज व पिछले 18 दिनों से अतिथि अध्यापकों द्वारा चलाए जा रहे शांतिपूर्वक आंदोलन पर प्रशासन द्वारा किए जा रहे दमन व झूठे मुकदमों और वाटर कैनन के प्रयोग के विरोध में आज हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ (संबंद्ध सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने खण्ड प्रधान मुकेश घारू की अध्यक्षता में उपमण्डल सचिवालय बराड़ा पर इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एस.डी.एम.(ना.) बराड़ा को दिया।
इस अवसर पर खण्ड सचिव बराड़ा नीरज कुमार, जिला प्रैस सचिव लाभ सिंह और जिला सचिव अशोक कुमार सैनी ने कहां कि हरियाणा सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रखकर अपनी जायज मांगों के लिए प्रदर्शन कर रहे अध्यापकों पर लाठीचार्ज करवा रही है तो कभी उन्हें झूठे मुकदमों में उलझाया जा रहा है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ इसकी कड़ी निंदा करते हुए मांग करता है कि सभी अतिथि अध्यापकों को पूर्णतया नियमित किया जाए। सभी भत्तों एवं लाभ सहित पूर्ण वेतनमान दिया जाए तथा सभी प्रकार की उत्पीड़न की कार्रवाईयां तत्काल निरस्त की जाएं। कंप्यूटर अध्यापकों एवं लैब सहायकों को नियमित करते हुए सभी भत्ते एवं लाभ सहित इन्हें भी पूर्ण वेतनमान दिया जाए। सभी प्रकार की उत्पीड़न की कार्यवाही तत्काल निरस्त की जाए।

जिला सचिव अशोक कुमार सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का कोई भी वर्ग जब अपनी जायज़ माँगों के लिये आन्दोलन करता है तो सरकार का फ़र्ज़ बनता है कि द्विपक्षीय बातचीत द्वारा समस्या का उचित समाधान निकाले।
जिला प्रेस सचिव लाभ सिंह ने जिला प्रशासन द्वारा लोकसभा चुनाव का मानदेय अभी तक न देने पर सख़्त चेतावनी देते हुये कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों का बहिष्कार करेगा।
इस अवसर पर साहा खण्ड के प्रधान ओम प्रकाश, खण्ड सचिव साहा सज्जन कुमार, सर्वकर्मचारी के बराड़ा प्रधान ओम प्रकाश, सचिव नैब सिंह ने भी प्रदर्शन को संबोधित किया।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।