करनाल में अतिथि अध्यापकों पर की गई कार्यवाही के विरोध में उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन |
September 18th, 2019 | Post by :- | 309 Views

हसनपुर पलवल  (मुकेश वशिष्ट) :-  फरीदाबाद के अतिथि अध्यापकों ने उपायुक्त कार्यालय पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जैसा कि विदित है कि कल करनाल में शान्तिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अतिथि अध्यापकों पर सरकार के द्वारा वाटर कैनन का प्रयोग कराना दुर्भाग्यपूर्ण कार्य रहा है। इससे कार्य से सरकार की नाकामी दर्शयति है। आज सरकार की नीतियों से सभी कर्मचारी परेशान है। अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी सरकार से मिलने का प्रयास कर रहे है, परन्तु सरकार है कि कर्मचारियों से मुलाकात करने के लिए सरकार के पास समय नहीं है

55 वर्ष का एक अतिथि अध्यापक पिछले 18 दिनों से अपने प्राणों से जूझ रहा है, परन्तु सरकार है कि अतिथि अध्यापकों से बात करने को तैयार नहीं है। जिसके विरोध में कल प्रदेशभर के अतिथि अध्यापक करनाल में एकत्रित होकर लोकतांत्रिक तरिके से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए प्रशासन के माध्यम विरोध कर रहे अतिथि अध्यापकों की मांगों को दबाने के लिए प्रशासनिक कार्यवाही की गई। जिसमें महिला अध्यापिकाओं को गंभीर चोटें आईं जोकि सरकार की हिटलरशाही दर्शती है। सत्ता में आने से पूर्व इसी सरकार ने अतिथि अध्यापकों को भरोसा दिया था कि सरकार बनते ही एरियर के साथ सभी मांगें मानी जाएंगी। जिसके बदले सरकार बनने के बाद अब लाठियां बरसाई जा रही हैं।

आज फरीदाबाद जिले के सैंकडों अतिथि अध्यापकों ने जिला मुख्यालय पर एकत्रित होकर जिले के सभी भाजपा विधायकों पुतला दहन किया। सभी अध्यापक रोष मार्च करते हुए जिला भाजपा अध्यक्ष के निवास तक मार्च करते हुए गए और पुतला दहन के साथ शपथ ली कि यदि भाजपा सरकार ने अपने वादे के अनुरूप अतिथि अध्यापकों की मांगों को नहीं माना तो भविष्य में कभी भी भाजपा को वोट नहीं देंगे और सभी भाजपा के नेताओं का विरोध करेंगे।

फरवरी, 2014 में अतिथि अध्यापकों ने अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जंतर-मंतर पर आमरण-अनशन किया था जो कि 17 दिन तक चला। इस अनशन पर वर्तमान शिक्षामंत्री रामविलास शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के साथ पहुंच कर अतिथि अध्यापकों को अपना लिखित में समर्थन दिया। भाजपा ने नियमित करने की मांग को अपने घोषणा-पत्र में सामिल किया। भाजपा सरकार ने अपने शासन काल अतिथि अध्यापकों को हटाने व लगाने का कार्य अपने पूरे शासन काल में रखा।

फरवरी, 2019 विधानसभा बजट सत्र के दौरान हरियाणा सरकार अतिथि अध्यापकों को 58 साल तक नियमित करने का बिल लेकर आई, लेकिन उस बिल के अनुसार अभी तक भी अतिथि अध्यापकों कोई भी नियमित अध्यापकों के समान सुविधा नहीं मिली है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी प्रदेश में घूम-घूम ढोल पीट रहे हैं कि हमने सभी अतिथि अध्यापकों को नियमित कर दिया है। अतिथि अध्यापक आज 14 वर्ष बाद भी अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इतने समय के बाद भी इन अतिथि अध्यापकों की नौकरी बिल के बावजूद नौकरी आज भी सुरक्षित नहीं है। अपनी नौकरी को सुरक्षित करनाने के लिए 55 वर्ष का अतिथि अध्यापक अपनी मांगों को लेकर पिछले 18 दिन से अनशन पर बैठा हुआ है। आज अतिथि अध्यापक चाहते हैं कि नियमित होने तक उन्हें समान काम-समान वेतन दिया जाए और पिछले 18 दिन से अनशन पर बैठे  अतिथि अध्यापक को ससम्मान अनशन से उठाया जाए।

अतिथि अध्यापकों के समर्थन में हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा जो कि सिटी मजिस्ट्रेट बलीना ने लिया।

आज इस विरोध प्रदर्शन में जिला प्रधान रघुनाथ शास्त्री, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से राज सिंह, भीम सिंह, बलराज, उपकार फौगाट, राजेंद्र कुमार, व अतिथि अध्यापक ललित शर्मा, भागीरथ, सुन्दर भडाना, वीरेंद्र कुमार, दुष्यंत त्यागी, जवाहर लाल, ऋषि पाल, रवि मोहन, सरला राजपूत, संतोष तेवतिया, मुनेश चौहान, बबीता, विशेष रूप से उपस्थित रहें ।

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