इस जगत में जो भी घटित होता है श्री हरि की आज्ञा से होता है :  डॉ रमनीक
January 21st, 2021 | Post by :- | 292 Views

चंडीगढ़ (मनोज शर्मा) जगत सद्भावना संस्थान के सानिध्य में धन्ना जट्ट गौशाला रोगला संगरूर पंजाब में आयोजित श्री हरिवंश महापुराण कथा के द्वितीय दिवस में सद्भावना दूत भागवताचार्य डॉ  रमनीक कृष्ण जी महाराज ने परीक्षित पुत्र राजा जनमेजय की कथा श्रवण कराते हुए कहा के परीक्षित को तक्षक के द्वारा डसने से राजा की मृत्यु के पश्चात क्रोध में उनके पुत्र जनमेजय ने सम्पूर्ण पृथ्वी के सर्पों की भस्मी भूत करने के लिए यज्ञ कराया जिसमें सर्प अपने आप आकर गिरने लगे। अंत में तक्षक का आह्वाहन किया गया। तक्षक अपने प्राणों की रक्षा के लिए भगवान श्री हरि के शरणागत हुआ और प्रार्थना की के हे प्रभु। मैंने राजा परीक्षित को काल के प्रभाव से ही डसा था। इस जगत में जो भी घटित होता है वो आपकी ही आज्ञा से होता है, आप ही इस सम्पूर्ण जगत को चलायमान रखते हो। अतः इस समय मै आपकी शरणागत हूं। मेरी रक्षा करें। भगवान ने ऋषि वैशंपायन द्वारा जनमेजय के हृदय की अग्नि को शांत कराया। तब महर्षि ने उन्हें सम्पूर्ण हरिवंश पुराण की कथा श्रवण कराई। जिसके श्रवण से राजा स्वयं वैकुंठ की प्राप्ति करते है। कथा को श्रवण करने के लिए अनेकों स्थानों से भक्तजन आ रहे हैं।  कथा का आयोजन आगामी 28 जनवरी तक रहेगा।

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