नाइट कर्फ्यू चरणबद्ध तरीके से हटाने का किया निर्णय व आरटी पीसीआर टेस्ट हेल्थ प्रोटोकॉल की पालना में न हो ढिलाई :मुख्यमंत्री गहलोत
January 20th, 2021 | Post by :- | 51 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । प्रदेश भर में जारी नाइट कर्फ्यू खत्म करने का फैसला हो गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नाइट कर्फ्यू खत्म करने पर सहमति दे दी है। सोमवार को सीएम निवास पर हुई कोरोना समीक्षा बैठक में नाइट कर्फ्यू हटाने और अन्य पांबदियों पर चरणबद्ध तरीके से छूट देने का फैसला किया गया। अब गृह विभाग इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करेगा,इसके बाद संबंधित 13 जिलों के कलेक्टर कर्फ्यू हटाने पर आदेश जारी करेंगे। बैठक के बाद सीएम ने लिखा,निवास पर कोविड समीक्षा बैठक में प्रदेश में रात्रिकालीन कर्फ्यू समाप्त करने और कुछ छूट चरणबद्ध रूप से देने का निर्णय लिया है,लेकिन हेल्थ प्रोटोकॉल्स को अपनाना आवश्यक होगा। अन्यथा फिर संक्रमित संख्या बढ़ सकती है। यह नौबत नहीं आनी चाहिए कि पुन: सख्ती करनी पड़े। नाइट कर्फ्यू हटाने के फैसले से बाजारों को राहत मिलेगी। बाजार पहले की तरह देर तक खुल सकेंगे। दुकानें, रेस्टोरेंट पर अब तक 7 बजे बंद करने की बाध्यता थी जो अब हट जाएगी। गृह विभाग जल्द इस मामले में एसओपी जारी करेगा उसके बाद ही समय को लेकर आधिकारिक रूप से साफ हो पाएगा। कोविड-19 समीक्षा बैठक में प्रदेश में निजी लैब्स में आरटी-पीसीआर टैस्ट की दरें 800 रूपये से घटाकर 500 रूपये करने के साथ ही 100 बैड्स से अधिक क्षमता वाले प्राइवेट अस्पतालों में आरक्षित कोविड बैड की संख्या में छूट देते हुए इसे मिनिमम 10 करने का भी निर्णय लिया है।
जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा, भीलवाड़ा, नागौर, पाली, टोंक, सीकर, अजमेर, श्रीगंगानगर व उदयपुर में रात्रि कर्फ्यू जारी था। इसके तहत बाजार में मेडिकल की दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें शाम सात बजे बाद बंद करना जरूरी था। रात्रि कर्फ्यू रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक लागू था। प्रदेश में दिवाली के बाद कोरोना के मामले बढ़ने के बाद पहले 8 और फिर 13 जिलों में नाइट कर्फ्यू लगाया गया। प्रदेश में नाइट कर्फ्यू हटाने की कई व्यापार संगठन मांग कर रहे थे। कई व्यापार संगठनों ने कोरोना के मामले कम होने के बाद नाइट कर्फ्यू हटाने की मांग की थी। अलवर, अजमेर में तो कारोबारियों ने यहां तक कह दिया था कि अगर सरकार नाइट कर्फ्यू नहीं हटाती है तो फिर वह आंदोलन करेंगे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।