राजस्थान

इंतजार में व्यक्ति सूख जाता है, गहलोत अब धैर्य के साथ सिखे “संतोष शास्त्र”:- मदन राठौड़

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि गहलोत साहब को अब “इंतजार शास्त्र” छोड़ देना चाहिए। उनका राजनीतिक कार्यकाल पूर्ण हो चुका है और अब उन्हें नई पीढ़ी को आगे आने का अवसर देना चाहिए। गहलोत का समय बीत चुका है, लेकिन वे अभी भी उम्मीद के सहारे राजनीति में टिके रहने की कोशिश कर रहे हैं। “इंतजार में व्यक्ति सूखता जाता है, इसलिए गहलोत जी को अब संतोष का मार्ग अपनाते हुए वानप्रस्थ और सन्यास की ओर बढ़ते हुए संतोष शास्त्र सिखना चाहिए।” भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि गहलोत ने कांग्रेस पार्टी को लगातार पतन में और गर्त में पहुंचाने का काम किया। जिन राज्यों में उन्हें जिम्मेदारी दी गई, वहां पार्टी की स्थिति और कमजोर हुई। यह स्पष्ट संकेत है कि उनका प्रभाव समाप्त हो चुका है। राठौड़ ने कहा कि गहलोत का बार-बार दिल्ली की ओर रुख करना इस बात को दर्शाता है कि उनकी पार्टी में निर्णय स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि हाईकमान द्वारा लिए जाते हैं। वहीं उनके विरोधी भी दिल्ली के चक्कर काट रहे हैं, ऐसे में उनकी परेशानियां बढ़ने की संभावना ज्यादा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने परिवारवाद पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस में वंशवाद की राजनीति हावी है। “नेहरू से इंदिरा, इंदिरा से राजीव, राजीव से सोनिया और फिर राहुल तक सत्ता का हस्तांतरण हुआ है। यह लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है,” उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास योग्यता और जनसेवा का अनुभव है तो उसे आगे आना चाहिए, लेकिन परिवारवाद के आधार पर दूसरों को रोककर आगे बढ़ना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए राठौड़ ने कहा कि भाजपा महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। “हमारे पास प्रशिक्षित और सक्षम महिलाओं की टीम है, जो किसी भी जिम्मेदारी को संभालने के लिए तैयार है। गहलोत चाहे तो सुनीता जी को आगे करे, हमारी शुभकामनाएं उनके साथ है। डोटासरा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि डोटासरा ने अपने परिवार के लोगों को तो आरएएस बना दिया। अब राजनीति के लिए कोई बचा ही नहीं है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) नया विषय नहीं है, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय भी समय-समय पर इसकी आवश्यकता पर जोर देता रहा है। “एक देश, एक कानून होना चाहिए, विशेषकर महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए। उन्होंने बताया कि भाजपा आगामी 6 अप्रैल को स्थापना दिवस को उत्सव के रूप में मनाएगी, जिसमें मंडल से लेकर बूथ स्तर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पांच राज्यों में चुनावों के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि आगामी चुनावों में भाजपा सभी राज्यों में मजबूती से जीत दर्ज करेगी और संगठन को और सशक्त बनाएगी।

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