दवा व्यापारी ने दिया पत्रकार को धमकी, धड़ल्ले से चल रहा ज़िले में अवैध तरीके से दवा कारोबार
September 16th, 2019 | Post by :- | 85 Views

दवा व्यापारी ने दिया पत्रकार को धमकी, धड़ल्ले से चल रहा ज़िले में अवैध तरीके से दवा कारोबा

छत्तीसगढ़ (कोंडागांव) । कोंडागांव ज़िला मुख्यालय में कांग्रेस भवन के सामने संचालित अरिहंत मेडिकल कोंडागांव से ग्राम कोकोड़ी के स्थानीय चिकित्सक ने बताया हैकि वे इन दवा दुकानों से हमेशा खरीदतें हैं।

औषधी भण्डारण व वितरण नियमानुसार किसी डिग्रीधारक की उपस्थिति में ही दवाओं का कारोबार करने का नियम है।

परंतु कोंडागांव ज़िला मुख्यालय में प्रसाशन के नाक के नीचे दूसरे किसी के नाम के लाइसेंस का इस्तेमाल कर धड़ल्ले से थोक दवा कारोबार करने का मामला सामने आया है।

अरिहंत मेडिकल स्टोर्स से ले सप्लाई हेतु ले जाये जा रहै दवाओं को पुलिस ने अपने क़ब्जे में लेने के बाद ज़िला औषधी निरीक्षक सुखचैन धुर्वे को भी कोतवाली तलब किया था।

वहीं इस पूरे मामलें में औषधी निरीक्षक की मिलीभगत से इंकार नही नही किया जा सकता। औषधी निरीक्षक स्वयं को व्यस्त बताते रहे परंतु शाम ढ़लते ढ़लते आखिर वे कोतवाली पहुंचे और जिसके बाद पूरे मामले में खाना पूर्ति करते नजर आए।

इस घटना से यह बात सामने आई हैकि औषधी विभाग ने इन मेडिकल दुकानों को चिल्हर विक्रय लाइसेंस जारी किया है परंतु ज़िला मुख्यालय में प्रसाशन के नाक के तले उनके द्वारा धड़ल्ले से ज़िले के संवेदनशील क्षेत्रों से आये लोगों को थोक मात्रा में दवाइयों की सप्लाई कर रहे हैं।

हैरत कि बात तो यह हैकि इस पीर मामले पर खाद्य एवं औषधी विभाग के अधिकारी किसी प्रकार की कोई कार्यवाहीं करते कभी भी नजर नही आये बल्कि इन सभी में उनकी मिलीभगत प्रतीत हो रही है।

ग्राम कोकोड़ी के स्थानीय चिकित्सक को जांच के दौरान पूंछने पर उन्होंने अरिहंत मेडिकल के अतिरिक्त कोंडागांव के अन्य दवा दुकानों “गणेश मेडिकल, शांति मेडिकल, कुशल मेडिकल” से भी थोक में दवाइयों की खरीदी करने की बात स्वीकार किया है।

इन ड्रग माफियाओं को विभागीय संरक्षण का ही नतीज़ा हैकि जब इस मामले पर प्रकाश डालने एक स्थानीय पत्रकार ने हिम्मत दिखाया तो अरिहंत मेडिकल स्टोर्स के संचालक ने उन्हें “देख लेने व जान से मरवाने तक कि धमकी दे डाली।”

वही इस सारे मामले में विभागीय कार्यवाही मात्र खानापूर्ती ही नजर आ रही है, ज़िले के औषधी निरीक्षक दवा दुकानदारों पर मेहरबान हो उन्हें बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।