यश खाबिया के 31 उपवास पूर्ण, निकला वरघोड़ा
September 16th, 2019 | Post by :- | 117 Views

बांसवाडा (अरूण जोशी)
   कुशलगढ़ वर्धमान स्थानकभवन में विराजित महासती पुण्यशीला म.सा आदि ठाणा-4 की पावन नेश्रा में जमकर तपाराधना हुई। पूज्या श्री के पावन सानिध्य में यश भाई खाबिया ने 31 उपवास (मासक्षमण) व लोकेश भाई बांठिया ने सिद्धितप की तपस्या पूर्ण की। पूज्या श्री के पावन सानिध्य में अभी तक 15 मासक्षमण व 3 सिद्धितप पूर्ण हो चुके है। इस अवसर पर तपस्वी यश खाबिया को बग्गी में बैठाकर बेण्ड-बाजे व ढ़ोल-ढमाकों के साथ वरघोडा निकाला गया। वरघोडे़ में सकल जैन समाज के लोग जय उमेश-जय जिनेन्द और तपस्वियों के गगनभेदी जयकारें लगाते हुए चल रहे थें। वरघोड़ा निज निवास से निकल कर केशरिया जी मंदिर पहुंचा, जहां पर तपस्वी ने देव दर्शन कियें व मंदिरमार्गी समाजजन द्वारा तपस्वी का बहुमान किया गया। वरघोडा नगर के प्रमुख चोराहों से निकला, जहां क्षैत्रवासियों द्वारा जगह-जगह पर तपस्वी का स्वागत, बहुमान किया गया। तत्पश्चात् वरघोड़ा नगर के मुख्य चैराहों से होता हुआ स्थानक भवन पहुंचकर धर्मसभा व बहुमान सभा में तब्दील हुआ। धर्मसभा में महासती पुण्यशीला जी म.सा ने फरमाया कि कल की चिंता करी तो हमारा आने वाला जन्म बिगड़ सकता है, इसीलिए हमें कल की नहीं आने वाले जंम की चिंता करनी हैं। तपस्या आने वाले जीवन को उज्जवल बनाने का सफल तरीका है। अगले जन्म को उज्जवल बनाने के लिए कोई-कोई बिरली आत्मा ही धन का सदुपयोग करती है। जो भाग्यशाली व्यक्ति होता है वो अपने शरीर को ज्ञान-दर्शन-चारित्र में लगाता है, उसका अगला जीवन सफल बनता है। यश भाई व लोकेश भाई ऐसे तपस्वी है, जो तप में निरन्तर आगे बढ़ते गये और अपने परिवार व संघ का गौरव बढाया। इस अवसर पर शिल्पा जी महाराज साहब नेहा प्रभा जी और महक श्री महाराज साहब थाना 4 तपस्या के महत्व की जानकारी दी। यश खाबियाके मास खमण के दौरान इंदौर रतलाम पेटलावद बाजना लिमडी बांसवाड़ा झाबुआ झालावाड़ जावरा आदि शहरों से श्रावक लोग कुशलगढ़ पहुंचे थे इसके अलावा यश खाबिया का अपने घर से वरघोड़ा निकाला गया जहां जगह-जगह यश खाबिया का बहुमान किया गया। रिमझिम वर्षा के दौरान भी श्रावक श्राविकाओ के साथ चलने वालों की संख्या अपार थी। श्रीसंघ अध्यक्ष राजेन्द्र गादिया ने बताया कि धर्मसभा पश्चात् तपस्वी का बहुमान स्थानकवासी श्रीसंघ कुशलगढ़, दिगम्बर जैन समाज,तेरापंथी दिगंम्बर समाज,मूर्ति पूजक संघ व उमेश मित्र मण्डल द्वारा शाल-माला व प्रशस्ति पत्र देकर बहुमान किया गया। तपस्या का बहुमान तपस्या की बोली से रांका बहन नाहटा ने उपवास के वर्षीतप से, गोतम खाबिया ने एकासन के वर्षीतप से, दीपिका खाबिया-प्रफुल्ल खाबिया-संतोष खाबिया ने आजीवन जमीकन्ंद त्यागकर लिया गया। दिगम्बर अध्यक्ष जंयतीलाल सेठ, महामंत्री हंसमुखलाल सेठ, तेरापंथी दिगंम्बर समाज के अध्यक्ष बुध्धिलाल शाह,सेलाना के कांतिलाल सींघवी,अहमदाबाद के एस.बंसाली व संघ संरक्षक रजनीकांत खाबिया ने तपस्या की अनुमोदना व्यक्त करी।इस अवसर परसंघ के अध्यक्ष राजेन्द्र गादिया, मूर्ति पूजक संघ के कमलेश कावडिया, साथ ही गौरव काॅवडिया ने 16 उपवास की तपस्या पूर्ण करी व दीपक चैपडा के 5 उपवास की तपस्या जारी है। इस अवसर पर संघ के पत्रवांचन मंत्री गौतम खाबिया व संरक्षक प्रकाशन नाहटा ने संचालन किया। इस अवसर पर जैन समाज के अलावा अन्य समाज के प्रमुख मौजूद थे। क्षेत्रीय विधायक रमिला खड़िया,बांसवाड़ा के चेंबर आॅफ कॉमर्स के अध्यक्ष शंभूलाल हिरण,राम शरणम् झाबुआ के विजयलाल राठौड़,ब्राह्मण समाज के पूर्व न.पा. उपाध्यक्ष तिलोत्तमा पंड्या,पूर्व नपाध्यक्ष राघवेश चरपोटा भाजपा के नितेश बैरागी,करणीसिंह राठौड़,संघ के कैलाश बारोट,कांग्रेस ब्लाॅक अध्यक्ष जयंतिलाल कोवालिया आदि प्रमुख लोग भी शरीक थे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।