सड़क पर निरंतर जलभराव से चौरासी कोस परिक्रमा यात्रीयों, विद्यार्थियों व किसानों का निकलना हुआ दूभर|
August 20th, 2019 | Post by :- | 107 Views

हसनपुर पलवल (मुकेश वशिष्ट/चौ० सतपाल)  :- खण्ड व गाँव हसनपुर के लोग यमुना पर अपने खेतों व शमशान जाते समय भी हादसे का शिकार होते देखा गया हैं | आस-पास के किसानों व ग्रामीणों का लोगों का कहना हैं कि शमशान घाट पर मुर्दे ले जाने तक में भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता हैं | ग्रामीण बच्चू पंडित ने बतलाया कि शमशानघाट के सामने चौबीसों घन्टे सड़क पर जलभराव रहने से आये दिन हादसे होते रहते हैं|

अपने खेतो पर जाने वाले किसान और पास में बसे नगला के स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को इस जलभराव व सडक में बने खड्डों में गिरते हुए देखना अब एक आम बात हो चुकी हैं कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार ही नहीं हैं | इसी तरहा हसनपुर निवासी कृष्ण का कहना है की शमशान के अन्दर पब्लिक हैल्थ का एक ट्यूबेल भी लगा हुआ हैं और यह रास्ता बृज चौरासी कोस यात्रा का मुख्य मार्ग भी हैं इस लिए यात्रियों की सुविधा के लिए शमशान के बाहर पानी की एक टंकी का निर्माण कराया हुआ हैं ताकि उन्हें शीतल जल पीने को उपलब्ध कराया जा सके परन्तु शरारती तत्व रात में अँधेरे का फायदा उठा कर टंकी में लगी टूटियां तक उखाड़ कर ले जाते हैं और पानी निकासी का कोई उचित समाधान नही होने से इस सडक पर ही निरन्तर जलभराव रहता हैं |

इस बाबत शमशान की देखरेख करने वाले एक समाजसेवी प्रमोद गोयल ने बतलाया कि मौखिक तौर से अधिकारियों के सज्ञान में इस समस्या को कई बार लाया जा चुका हैं परन्तु कहीं कोई सुनवाई नही हो पा रही हैं जन स्वास्थ विभाग द्वारा लगे ट्यूबेल से भी पानी सडक पर आता रहता है शरारती तत्वों का इंतना आतंक है कि चाहे ताला लगा दो या वाल्ब अगले दिन कुछ भी नहीं मिलता |

समाजसेवी प० वेद प्रकाश ने बतलाया कि यह सडक मार्कीट कमेटी के अधिकार क्षेत्र में आती हैं और सरकारी दस्तावेजों में इसकी चौड़ाई 55 फीट हैं परन्तु अतिक्रमण करने वालों ने इसे भी नहीं बक्शा मौके पर आज यह मात्र 15 फीट ही नज़र आती हैं इसे लेकर कोई भी विभाग सतर्क नही हैं | ग्राम पंचायत हसनपुर के सरपंच सन्दीप मंगला का कहना हैं कि वैसे तो यह सडक मार्किट कमेटी के आधीन हैं परन्तु जनसमस्या को देखते हुए जल्द ही शमशान के अन्दर ही मनरेगा के तहत वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम स्थापित कर ग्रामीणों व परिक्रमा में आने वाले तीर्थ यात्रियों को इस समस्या से निजात दिला दी जायेगी और सम्बन्धित विभागों को भी इसके बाबत लिखित में सूचित किया जाएगा|

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।