भरतपुर की एक अदालत ने प्रसूता महिला के इलाज में लापरवाही के आरोपी निजी नर्सिंग होम के डाक्टर के खिलाफ वारंट जारी कर अदालत में तलब होने के दिये है आदेश
December 1st, 2020 | Post by :- | 298 Views

भरतपुर। (शौकत अली)

 

राजस्थान में भरतपुर की एक अदालत ने प्रसूता महिला के इलाज में लापरवाही के आरोपी निजी नर्सिंग होम के डाक्टर के खिलाफ वारंट जारी कर अदालत में तलब होने के दिये है आदेश। निजी नर्सिंग होम में भर्ती मरीजो से इलाज के नाम पर मोटी मोटी रकम बसूलने के बाद भी मरीजो के इलाज में लापरवाही बरत कर उनके जीवन के साथ खिलबाड़ करने बाले इस मामले में लगभग 5 वर्षों तक अदालती जद्दोजहद के बाद तहसील डीग के फौजदार का नगला निबासी श्रीमती मनीषा को मिला है अदालत से न्याय। श्रीमती मनीषा की तरफ से अदालत में पैरवी करने बाले अधिवक्ता भगवत सिंह हथेनी ने बताया कि वर्ष 2015 में श्रीमती मनीषा को प्रसव के लिए शहर के किरन नर्सिंग होम में कराया गया था भर्ती जहा इलाज के दौरान नर्सिंग होम के डाक्टर अशोक गुप्ता, डाक्टर अंकुर गुप्ता, डाक्टर सारिका गुप्ता तथा डाक्टर अक्षय गुप्ता ने वरती लापरवाही और प्रसूता को चढ़ा दिया गलत ग्रुप का खून जिससे श्रीमती मनीषा ब उसके गर्भावस्थ शिशु के जीवन को हो गया गम्भीर संकट पैदा। बताया गया कि प्रसूता ब उसके गर्भावस्थ शिशु की जान बचाने के लिए दोनों को किरन नर्सिंग होम से निकालकर कर कराया गया दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती जहा करीब ढाई महीने आईसीयू में भर्ती रहने के साथ उसका इलाज चला दो साल तक। मामले को लेकर महिला के परिजनों ने पुलिस में दर्ज कराया मामला लेकिन पुलिस ने लगा दी एफआर। सहयोगी अधिवक्ता विवेक हथेनी ने बताया कि पुलिस की एफआर के विरोध में अदालत अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 4 में पेश की गई प्रोटेस्ट पिटीशन जिसमे अदालत ने आरोपी सभी डाक्टरो को माना मुलजिम लेकिन अदालत के इस आदेश के खिलाफ डाक्टर अशोक गुप्ता ने भरतपुर के शीर्ष न्यायालय जिला एवं सैशन न्यायाधीश के यहां पेश की निगरानी लेकिन अदालत ने नही माना डाक्टर अशोक गुप्ता के अधिवक्ता की दलीलों को और जारी कर दिया वारंट।

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