श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन , प्रसाद वितरण कल
November 27th, 2020 | Post by :- | 305 Views

छाता,मथुरा(राजकुमार गुप्ता) दामोदर माह में गांव विशंभरा में मैथिल ब्राह्मण परिवार के निवास पर अपने पूर्वजों को याद में हुई श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन पं. सुरेश चंद शास्त्री ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा का श्रवण करने से जन्म जन्मांतर के पापों का नाश हो जाता है। श्रीमद भागवत कथा के श्रवण से महापापी धुंधुकारी का भी उद्धार हो गया। कथा व्यास ने बताया कि धुंधुकारी अति दुष्ट था उसका पिता आत्मदेव भी उसके उत्पातों से दुखी होकर वन में चला गया था।आखिरी दिन व्यास पीठ से श्री धाम वृंदावन के सुरेश चंद महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के स्वधाम गमन की कथा सुनाई। कहा कि भगवान जब अपनी लीला समाप्त करके अपने गोलोक धाम गए तभी से कलियुग का वास पृथ्वी पर हो गया था। तक्षक नाग गंगा किनारे बैठे राजा परीक्षित को आकर डंसा तो उनका शरीर जलकर भष्म हो गया। उन्होंने सात दिन श्रीमद्भागवत की कथा सुनकर मोक्ष को प्राप्त किया।कथा की पूर्ण आहुति 28 नवंबर की प्रसाद वितरण के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर ओमप्रकाश मैथिल, श्याम मैथिल, शिवराम शर्मा, केशवदेव शर्मा, सतेंद्र सिंह, सोनू , विष्णु शर्मा, विजय शर्मा, भारत शर्मा, रामवीर मैथिल, अंकित शर्मा, राजेंद्र प्रसाद आदि भक्तगण उपस्थिति रहे।

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