कपिलमुनि तीर्थ पर किया गया 41 हजार दीपों का प्रकाश, उपायुक्त सुजान सिंह ने तीर्थ पर पहुंचकर की पूजा अर्चना, ग्रामीणों को किया संबोधित
November 15th, 2020 | Post by :- | 191 Views

कैथल(लोकहित एक्सप्रेस विशाल चौधरी ब्यूरो चीफ)दीपों के पर्व दीपावली पर दीए जलाने का विशेष महत्व है। गांव कौल के निवासियों ने कपिलमुनि तीर्थ पर 41 हजार दीए जलाकर दीपावली का पावन त्यौहार मनाया। समस्त ग्राम वासियों व विभिन्न युवा मंडलों द्वारा इस तरह दीपावली मनाकर एकता, सौहार्द तथा भाईचारे की मिसाल पैदा की और दीए जलाकर प्रदूषण रहित  दीपावली मनाने का संदेश भी दिया। इस कार्यक्रम में उपायुक्त सुजान सिंह ने परिवार सहित शिरकत की और तीर्थ पर पूजा अर्चना भी की। इस मौके पर उपायुक्त सुजान सिंह ने कहा कि गांव कौल के कपिल मुनि समिति तथा ग्रामीणों के सहयोग से पिछले कई सालों से अनूठी परंपरा चलाई जा रही है, जो कि काफी सराहनीय व प्रेरणादायक है। हर घर से एक दीप जलाना तथा 41 हजार दीप एक साथ जलाना युवाओं और समिति के सहयोग से पूर्ण हो पाया है। पिछले वर्ष भी दीपावली के दिन सामुहिक रूप से 21 हजार दीप जलाए गए थे।
उपायुक्त सुजान सिंह ने कहा कि आज पूरा विश्व कोरोना महामारी के संकट से गुजर रहा है और इसी दौरान देश आर्थिक संकट में है। पारम्परिक रूप से दीपावली मनाते हुए दीपों का प्रकाश करना जहां हमारी आस्था से जुड़ा हुआ है, वही इससे उन स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलता है, जोकि दीए बनाने का कार्य करते हैं। साल भर दीए बनाने के कार्य में लगे लोग दीपावली त्यौहार का इंतजार करते हैं। जब हम इन सबका ध्यान रखकर इन्हें खरीदेंगे तभी उन परिवारों का भरण-पोषण में उनका सहयोग हो पाता है, इससे उन्हें आर्थिक लाभ होता है, हमें अपने साथ-साथ प्रत्येक व्यक्ति का ख्याल रखते हुए दीपावली मनानी है। आज के परिवेश में कोराना के दृष्टिïगत हमें सभी चीजों का ध्यान रखना है। सभी बच्चे, यूवा व बुजुर्ग सोशल डिस्टेंस, मास्क, सैनिटाइजर का प्रयोग अवश्य करें, ताकि स्वास्थ्य से संबंधित कोई परेशानी व दिक्कत ना आए। हमें कोई भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। एक लापरवाही आपके लिए काफी भयानक हो सकती हैं। कहीं खुशी मनाने के स्थान पर हम कहीं बीमारी अपने साथ घर लेकर न चले जाएं ।
उन्होंने कहा कि समस्त ग्राम वासियों, युवा संगठन और समिति की पहल अनूठी, प्रशंसनीय तथा उल्लेखनीय है। हर व्यक्ति अपनी यथा स्थिति अनुसार योगदान करें, इसमें कोई होड़ व आडंबर नहीं होता, यही इस पर्व की सार्थकता है। इन दीयों की रोशनी हमारे घर को आलोकित कर रही है। हम सभी को यह भी संकल्प लेना है कि हम मन के अंधकार को दूर करके उसे प्रकाशित करें। उन्होंने कहा कि सामाजिक बुराई को भी एक साथ मिलकर दूर करना है। कई बार कानून से ज्यादा सामुहिक फैसले काम आते है। ग्रामीणों से अनुरोध है कि आस-पास यदि कोई बुराई है तो उसे दूर करना हम सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा जिन मांगों से उन्हें अवगत करवाया गया है, उन मांगो पर गौर किया जाएगा और मैं खुद ही इन समस्या को देखने के लिए आऊंगा। कर्मबीर कौल ने कहा कि यह त्यौहार भाईचारे का त्यौहार है, जिसे हर वर्ष समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से कपिलमुनि तीर्थ पर मनाया जाता है। उन्होंने इस आयोजन में सहयोग देने के लिए सभी का धन्यवाद किया और कहा कि यह हरियाणा का सबसे बड़ा दीपोत्सव जलाने का आयोजन है।

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