रोड़वेज अनुबंधित बसों का संचालन भी शुरू करे – सीएमडी रोड़वेज
November 10th, 2020 | Post by :- | 53 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक राजेश्वर सिंह ने आज जोनल मैनेजर की बैठक ली तथा निर्देंश दिया कि दीपावली पर्व से पहले रोड़वेज बसों के साथ ही अनुबन्ध की बसों को संचालित करें ताकि आमजन को सुगमता से परिवहन साधन उपलब्ध हो सकें। श्री सिंह ने बताया कि कोविड-19 के प्रकोप के कारण आमजन को परिवहन साधन की कमी को देखते हुये निर्णय लिया गया है कि रोड़वेज सभी बसों का संचालन करने के साथ ही जहा संभव हो फेरे भी बढ़ाये जावें तथा जिन मार्गाे पर बसों का संचालन नहीं किया जा रहा वहाँ दीपावली से पहले बसों का संचालन शुरू करें ताकि निगम को राजस्व मिलने के साथ आमजन को भी त्यौहार पर सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध हो सके। श्री सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुर्जर आदोलन एवं किसान आंदोलन प्रभावित क्षेत्र के अलावा रोड़वेज बसों का संचालन सुचारू रूप से किया जावें। रोडवेज की जिन बसों में पैनिक बटन सुविधा दी हुई है उसे उपयोग करने लायक़ बनाया जायें। श्री सिंह ने मुख्य प्रबन्धको को निर्देशित किया कि यदि बस संचालन में परिचालकों कि आवश्यकता है तो कोरोना काल से पूर्व में लागू बस सारथी योजना के तहत् तुरन्त परिचालको ले लेवें। लेकिन बस सारथी के पास परिचालक का लाइसेंस अवश्य हो। यह भी सुनिश्चित किया जावे कि चालक-परिचालकों को फालतू ना रहे आवश्यकतानुसार बस सारथी लिये जावे तथा इनका पूर्ण उपयोग कर बसों का संचालन करें। श्री सिंह ने कोविड-19 की विशेष परिस्थितियों के मद्देनजर रोडवेज की बसों को आगमन एवं प्रस्थान के समय सैनेटाईज करने तथा निगम के चालक-परिचालकों द्वारा कोविड प्रोटोकॉल एवं सोशियल डिस्टेन्सिंग की पूर्ण पालना करने के निर्देश भी प्रदान कियें। यहा यह उल्लेखनीय है कि राजस्थान रोडवेज के सीएमडी श्री सिंह ने आमजन की सुविधा और सुगम परिवहन की व्यवस्था करने के लिये रोडवेज की अपनी सभी बसों का संचालन करने के निर्देष जारी किये थे। वर्तमान में राजस्थान रोडवेज 10 लाख किलोमीटर प्रतिदिन संचालित कर 5 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुविधा प्रदान कर 4 करोड से ज्यादा राजस्व अर्जित कर रहा है। राजस्थान रोडवेज द्वारा अनुबन्ध की सभी बसों का संचालन शुरू करने पर लगभग 900 बसों की सुविधा आमजन को और उपलब्ध हो जायेगी।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।