पीलीभीत : जेल अधीक्षक का हार्ट अटैक से निधन जिले में शोक की लहर
October 27th, 2020 | Post by :- | 99 Views

पीलीभीत, विक्रान्त ऋषि ।

पीलीभीत की जिला कारागार में जेल अधीक्षक के पद पर तैनात अनूप मानव शास्त्री का बीती रात ह्रदय आघात से निधन हो गया । बताया जा रहा है कि बीती 25 अक्टूबर की देर शाम जेल अधीक्षक अनूप मानव शास्त्री शहर के निजी होटल में आयोजित बर्थ डे पार्टी में सपरिवार गए हुए थे । पार्टी से अपने निवास पर लौटते समय ही अचानक जेल अधीक्षक के ह्रदय में दर्द होने पर तत्काल उनके सुरक्षा कर्मियों व पत्नी के साथ पास के निजी अस्पताल एस एस अस्पताल में डाक्टर एस के अग्रवाल दिखाया गया। जिन्होंने हालत गम्भीर देखते हुए प्रथमिक उपचार के बाद उन्हें रूहेलखंड मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। जहां मध्य रात्रि जेल अधीक्षक अनूप मानव शास्त्री की हालत बिगड़ती गई और डाक्टरो ने अधीक्षक को म्रत घोषित कर दिया । पीलीभीत में तैनात जेल अधीक्षक की हार्ट अटैक से मौत की सूचना मिलते ही पूरे जिले से लेकर यूपी जेल अधीक्षक कार्यालय तक शोक की सूचना से कोहराम मच गया । आपको बता दें जेल अधीक्षक अनूप मानव जो इटावा के निवासी थे, जिनकी उम्र 37 वर्ष की थी । जिन्होंने 15 सितंबर सन 2012 को सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ से प्रशिक्षण प्राप्त किया था। जिसके बाद प्रक्षिक्षण प्राप्त करने के उपरांत 10 जुलाई सन 2013 में ललित पुर जिला जेल में जेल अधीक्षक पद पर तैनाती दी गई । फिर जिला जेल एटा से स्थान्तरित होकर 22 जून 2016 को पीलीभीत जिले में जेल अधीक्षक पद का कार्यभार संभाला । और बीते दिनों कोरोना काल मे हुए लॉक डाउन के बीच जेल के प्रति बंदियों को प्रेरित कर जेल एवं बंदी सुधार गृह को ध्यान में रखते हुए भारत मे पहली जेल में बंदी से कोरोना जागरूकता के लिए पेंटिंग बनवाकर जेल सुधार के लिए नाम रोशन किया साथ ही पीलीभीत जिले पोस्टर अभियान, रक्षाबंधन से लेकर जन्माष्टमी जैसे त्योहारों पर बंदियों के हाथों से बनाये गए वस्त्र राखियों को स्वयं बनवाकर जिला कारागार के प्रति समाजिक रूप से काफी उन्नति प्रदान की । यही नहीं अनूप मानव शास्त्री ने बीते छ महीनो के भीतर समाज के बीच अपनी लेखनी से लिखे गीतों को अपने मुख मंडल से गायन करके टीवी स्क्रीन से लेकर रेडियो स्टेशन तक अपना परचम लहराया । जिनके कुशल व्यवहार के लिए आज जिले में शोक की लहर दौड़ उठी । डी जी जेल अधीक्षक यूपी आनन्द कुमार से लेकर जिले के तमाम नेताओ अधिकारियों ने अपनी नम आंखों से श्रद्धांजलि देते हुए अनूप मानवशास्त्री को अंतिम विदाई दी। आपको बता दें जेल अधीक्षक की एक पांच वर्षीय मासूम बेटी जिसको वे प्यार से चिड़िया बुलाया करते थे उसकी मां के साथ अकेला छोड़ पिता का साया जीवन भर से सदा के लिए दूर चले गए। मासूम बेटी का रो रो कर बुराहाल है। जिस बेटी के लिए बीते दो दिन पूर्व पिता ने उसके कान को छिद्र करवाकर उसकी डिमांड पर कानो के कुंडल की माँग की थी। जिसको लेकर एक अच्छे पिता अनूप मानव शास्री ने अपने भाव शोषल मीडिया पर रखे थे। लेकिन आज वो मासूम रो रो कर अपने पिता से कानो के टॉप्स की मांग कर रही है । जिस मासूम को यह भी नहीं पता कि उसके पिता का साया अब जीवन मे कभी लौट कर नहीं आएगा । जेल अधीक्षक को श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान पुलिस अधीक्षक जय प्रकाष यादव, डिप्टी जेलर प्रभारी विक्रम सिंह, नगर मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह, एसडीएम अविनाश चन्द्र मौर्य, एडीएम अतुल सिंह, ईओ निशा मिश्रा, सहित तमाम अधिकारी व संगठन के नेताओ सहित जिले के भारी संख्या में लोग मौजूद रहे ।

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