संयुक्त राष्ट की स्थापना आज ही के दिन 24 अक्तूबर 1945 में विश्व में अमन शांति स्थापित करने के लिये की गई थी।
October 24th, 2020 | Post by :- | 92 Views
संयुक्त राष्ट की स्थापना आज ही के दिन 24 अक्तूबर 1945 में विश्व में अमन शांति स्थापित करने के लिये की गई थी।

अम्बाला,(अशोक शर्मा)
उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि संयुक्त राष्टï्र की स्थापना आज ही के दिन 24 अक्तूबर 1945 में विश्व में अमन शांति स्थापित करने के लिये की गई थी। उस समय इसके सदस्यों की संख्या 51 थी, जो आज बढ़ कर 193 हो गई है। उन्होंने कहा कि शांति स्थापित करने के साथ साथ संयुक्त राष्टï्र संघ आज अपनी 20 संस्थाओं के माध्यम से पूरी दुनिया में निरक्षरता को समाप्त करने, विभिन्न जानलेवा बीमारियों का उन्मूलन करने, अंतर्राष्टï्रीय स्तर पर अपराधियों को पकडऩे, श्रमिक विवादों का निपटान करने और उन्हें बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने तथा प्राकृतिक आपदाओं में आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने जैसे जन कल्याण के कार्यो को करने में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि लडऩा-झगडऩा मानव की प्रवृति है तथा जिस प्रकार घर का मुखिया परिवार के सदस्यों के मामलों का निपटान करता है, उसी प्रकार संयुक्त राष्टï्र संघ अपने सदस्य देशों क ी देखभाल करने के साथ साथ उनकी समृद्घि और खुशहाली के लिये प्रयासरत रहता है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्टï्र संघ के कारण ही न केवल हमारा देश बल्कि पूरी दुनिया के लोग आजादी की हवा में सांस लेने के साथ-साथ अन्य सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में लड़े गये अनेक युद्घों विशेषकर दो विश्व युद्घों में मानव जाति का जितना विनाश हुआ है, उतना विनाश बाढ़, भूकम्प, तूफान, सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं तथा बीमारियों में नहीं हुआ है। उन्होने कहा कि संयुक्त राष्टï्र संघ के प्रयासों का परिणाम है कि अभी तक तीसरा विश्व युद्घ टला हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत जोकि स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व संयुक्त राष्टï्र संघ का सदस्य है, ने इसके उद्देश्यो को प्राप्त करने में सदा सक्रिय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था व संगठन के लिए अनुशासन बेहद आवश्यक है और संयुक्त राष्ट्र संघ अलग-अलग देशों में मैत्री सम्बन्ध बनाने के साथ साथ उन्हे युद्ध की बजाए अनुशासन में रहने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन मे सदाचार और अनुशासन का पालन कर समाज हित व देश हित मे कार्य करना चाहिए।
इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी से बचना स्वयं पर निर्भर करता है, हमें एसएमएस यानि सामाजिक दूरी, मास्क पहनना व सैनिटाईजेशन को मूल मंत्र को अपने दैनिक जीवन में अपनाना है। उन्होने कहा कि इन तीनों को यदि हम अपना लेेते हैं तो कोरोना वायरस से बच सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर नगराधीश अशोक कुमार ने कहा कि उग्रवाद से निपटने के लिए हम सबको मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1973 तथा 1982 में डॉ. नागेन्द्र सिंह अंतराष्टï्रीय न्यायालय के न्यायधीश बनें तथा 1985 में मुख्य न्यायाधीश बने। इसी तरह आर.एस.पाठक भी इस न्यायालय के न्यायाधीश बनें जोकि भारत की एक महान उपलब्धि हैं। उन्होने कहा कि युद्ध के समय शान्ति और शन्ति के समय विकास के कार्य कराना ही संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्य उद्देश्य है। इस अवसर पर जिला प्रशासन के विभिन्न कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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