निट कुरूक्षेत्र में ‘हिन्दी दिवस एवं हिन्दी साहित्य महोत्सव उत्कर्ष-2019’ का रंगारंग शुभारंभ
September 14th, 2019 | Post by :- | 167 Views

कुरुक्षेत्र, ( सुरेश पाल सिंहमार )    ।        राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (निट) कुरूक्षेत्र में हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में संस्थान की ‘अनामिका’ हिन्दी समिति द्वारा ‘हिन्दी दिवस एवं हिन्दी साहित्य महोत्सव उत्कर्ष-2019’ का शुभारंभ संस्थान के जुबली हॉल में शनिवार को  किया गया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक पद्मश्री डा. सतीश कुमार व विद्यार्थियों के बीच हिन्दी भाषा, संस्थान के विकास तथा भविष्य की योजनाओं विषय पर संवाद हुआ और उन्होंने युवा इंजीनियरों तथा वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वें राष्ट्र तथा हिन्दी भाषा को अपने कठिन परिश्रम तथा लग्न से अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्रदान करें। उन्होंने हिन्दी के इतिहास एवं उसके सामाजिक महत्तव को रेखांकित करते हुए सभी विद्यार्थियों को इसके प्रति जागृत किया।  उन्होंने निट कुरूक्षेत्र में शोध, अन्वेषण एवं उद्यमिता के विकास के लिए किए जाने वाले कार्यो का विस्तार से उल्लेख किया। अंत में उन्होंने सीमेंस अंतर्राष्ट्रीय कंपनी द्वारा संस्थान में लगाए जाने वाली प्रयोगशालाओं के बारे में बताते हुए विद्यार्थियों को नवीनतम शोध कार्य में रूचि लेने के बारे में कहा। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि प्रख्यात गजल साधक दीक्षित दनकौरी ने विद्या और कला दोनों को साथ लेकर भविष्य में चलने के लिए विद्यार्थियो को प्रेरित करते हुए हिंदी के इतिहास एवं उसकी महत्ता का वर्णन किया और सभी विद्यार्थियों को इसके प्रति जागरुक किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफसर डा. विनोद कुमार भारद्वाज ने अपने कई शेरों और गजलों द्वारा उपस्थित श्र्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्थान के डीन (छात्र-कल्याण) प्रो. राजेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल देते हुए इसके प्रचार और विस्तार की आवश्यकता बताया।

कार्यक्रम के दौरान हिन्दी पत्रिका ‘अभ्यम’ का भी विमोचन किया गया। इसके पश्चात संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा संचालित ‘शिक्षा समिति’ के छात्राओं ने अपनी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में कार्यक्रम के अंत में मुख्यअतिथि व विशिष्ट अतिथि को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यअतिथि प्रख्यात गजल साधक दीक्षित दनकौरी ने अपनी कई प्रसिद्घ गजलों ‘या तो कुबूल कर मेरी कमजोरियों के साथ, या की छोड़ दे मुझे मेरी तन्हाइयों के साथ’ जैसी शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में ‘अनामिका’ हिंदी समिति के प्रोफेसर प्रभारी यशशचंद्र द्विवेदी ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, प्राध्यापकों व विद्यार्थियों का धन्यवाद व्यक्त किया।

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