रत्नत्रय का उपवास करने वाले तपस्वियों का हुआ पारणा
September 14th, 2019 | Post by :- | 119 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । जैन धर्म के सबसे पवित्र पर्व दशलक्षण पर्व के समापन के साथ ही जैन श्रद्धालुओ में सामूहिक माफी मांगने का दौर शुरू हो गया। शास्त्रों में उल्लेखित है कि जैन समाज पड़वा वाले दिन अपनी भूल-चुक पर अपने से छोटे बडे महिला पुरुष आदि सहित विराजमान साधु-संतो और आर्यिका माताजी तक से क्षमा की याचना करते है। प्रचार संयोजक अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि जैन मंदिरों में पड़वा के दिन सांध्यकालीन में सूर्य अस्त होने से पहले श्रीजी का कलशाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन होता है जिसके बाद विराजमान साधु के क्षमावाणी पर विशेष प्रवचन होते है और एक पुण्यार्जक श्रेष्ठी को श्रीजी की माल पहनने का सौभाग्य प्राप्त होता है जो पूरे परिवारजन के साथ श्रीजी की मंगल आरती कर “क्षमा याचना” का सामूहिक दौर आगाज करते है और क्षमा करते हुए एक-दूसरे को “खोपरा-मिश्री” का सेवन करवाते हुए अपने द्वारा जाने-अनजाने में हुई भूल चूक के लिए माफी मांगते है। मंदिर समिति अध्यक्ष एमपी जैन ने बताया कि रविवार को वरुण पथ दिगम्बर जैन मंदिर में मुनि विश्वास सागर और मुनि विभंजन सागर महाराज ससंघ सानिध्य में “क्षमावाणी पर्व” का भव्य आयोजन सायं 5 बजे से प्रारम्भ होगा। इस दौरान पाण्डुकशिला पर श्रीजी को विराजमान किया जाएगा और सौधर्म इंद्र सहित 5 प्रमुख इन्द्रो को श्रीजी का कलशाभिषेक पंचामृत कलशाभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। एक पुण्यार्जक को शांतिधारा और एक श्रेष्ठी को श्रीजी की माल पहनने का अवसर प्राप्त होगा वही परिवार श्रीजी की मंगल आरती करेंगे। इससे पूर्व मुनि विश्वास सागर और मुनि विभंजन सागर महाराज के मंगल प्रवचन सम्पन्न होंगे। वरुण पथ आयोजित समारोह में समाज के 450 परिवारों के 3000 से भी अधिक श्रद्धालु मंदिर जी मे जुटेंगे और एक-दूसरे से क्षमा याचना करेंगे। इस अवसर महिला मंडल और युवा मंडल के पदाधिकारी उपस्थित सभी श्रद्धालुओ को खोपरा-मिश्री का सेवन करवाएंगे।
रत्नत्रय का उपवास करने वालो को हुआ सम्मान, निकाला नगर जुलूस:
शनिवार को वरुण पथ दिगम्बर जैन मंदिर पर मुनि विश्वास सागर और मुनि विभंजन सागर महाराज ससंघ सानिध्य में प्रातः 8.30 बजे। चार दिन का रत्नत्रय तेला निर्जल उपवास करने वाली श्रीमती मुन्नादेवी जैन का समाज समिति वरुण पथ द्वारा तिलक लगा। मुकुट और मालाएं पहनाकर सम्मान करते हुए अनुमोदना की गई। इस दौरान महिला मंडल युवा मंडल आचार्य विद्या सागर आगम पाठशाला मुनि संघ व्यवस्था समिति सहित समाज के विभिन्न संस्थानों ने श्रीमती मुन्नादेवी जैन का सम्मान करते हुए अनुमोदना की।
मंत्री जेके जैन ने बताया कि शनिवार को सम्मान समारोह के पश्चात श्रीमती मुन्नादेवी के सम्मान में बेड-बाजों और जयकारों के साथ नगर जुलूस निकाला गया और जुलूस मंदिर से प्रारम्भ कर उनके निवास स्थान पर जाकर सम्पन्न हुआ जहां समाज श्रेष्ठियों ने उनका पारणा सम्पन्न करवाया।

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