शनिवार को आरक्षण की मांग को लेकर ढाई साल बाद एक बार फिर आयोजित गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की महापंचायत सरकार को आंदोलन का अल्टीमेटम देते हुए महज एक घण्टे में समाप्त हो गई
October 18th, 2020 | Post by :- | 179 Views

भरतपुर शौकत अली

 

राजस्थान के भरतपुर जिले में बयाना उपखण्ड के अड्डा गाव में शनिवार को आरक्षण की मांग को लेकर ढाई साल बाद एक बार फिर आयोजित गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की महापंचायत सरकार को आंदोलन का अल्टीमेटम देते हुए महज एक घण्टे में समाप्त हो गई। इस महापंचायत में गुर्जरों के नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने सरकार को 30 अक्टूबर तक का समय देते हुए चेतावनी दी कि वह आरक्षण को केन्द्र की 9वीं अनुसूची में शामिल करने तथा भर्तियों में पूरे 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देने सहित सभी मांगों को मान ले नहीं तो एक नवंबर से गुर्जर समुदाय राजस्थान को जाम कर देगा। सुबह 11 बजे शुरू होने बाली महापंचायत में कर्नल बैंसला शाम चार बजे सभा स्थल पर पहुंचे और एक घंटे मंच पर रहने के बाद शाम पांच बजे महापंचायत को अल्टीमेटम के साथ समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। इस दौरान महापंचायत दो धड़ों में भी बंटी नजर आई। एक धड़ा यह चाहता था कि अभी आंदोलन का निर्णय टाल दिया जाए क्योंकि कोरोनाकाल चल रहा है साथ में फसल बुआई का समय भी है। वहीं युवाओं का एक वर्ग आज से ही आंदोलन शुरू करना चाहता था। हालांकि अंत में कर्नल बैंसला ने मंच से घोषणा की कि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो एक नवंबर से आंदोलन किया जाएगा। महापंचायत में 80 गांवों के 20 हजार लोगों के आने का अनुमान था लेकिन जानकर सूत्रों का मानना है कि महापंचायत में 5 हजार से अधिक की भीड़ जुटी। महापंचायत के फैसले से पुलिस ब प्रशासन ने राहत की सांस ली है। पूर्व पर्यटन मंत्री और डीग कुम्हेर से विधायक विश्वेन्द्र सिंह के पुत्र अनिरुद्ध सिंह भी अपने समर्थकों के साथ सभास्थल पर पहुंचे । इन्होंने महापंचायत में कहा कि -“मेरे पिता ने पिछली बार गुर्जर आरक्षण के मामले को सुलझाने की कोशिश की थी लेकिन तब सरकार ने उनसे झूठ बुलवा दिया लेकिन समाज की कोई भी मांग पूरी नहीं हो सकी। इस कारण वे अभी नहीं आ पाए हमारी 15वीं पीढ़ी भी गुर्जर समाज के साथ है।

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