वैसाखियों.. के सहारे”” जीने को मजबूर नानक चंद परिवार ने लगाई मदद गुहार “
October 17th, 2020 | Post by :- | 254 Views

मुकेश सरमाल ( इंदौरा )

कहते हैं गरीबी और लाचारी इंसान को बेबस बना देती है लेकिन कई बार एक दर्दनाक हादसा अभी हंसते खेलते परिवार को उजाड़ कर रख देता है ऐसा ही मामला विधानसभा इंदौरा के अंतर्गत आती पंचायत सुरड़वाँ के गांव घगवां मैं देखने को मिला है यहां का नानक चंद वैसाखियों के सहारे जीने मजबूर है और सरकार से उसका परिवार मदद की गुहार लगा रहा है कि काश कोई उसकी मदद परिवार का थोड़ा दर्द हल्का कर दे!

आपको बता दें कि नानक चंद हंसते खेलते परिवार के साथ खुशियों भरा जीवन व्यतीत कर रहे थे कि अचानक एक हादसे ने उनकी हस्ती खेलती दुनिया को नर्क बना कर रख दिया नानक चंद 2011 में काम की तलाश में उना गए थे  ताकि परिवार का पालन पोषण बढ़िया तौर तरीके से कर सकें लेकिन अनहोनी को कुछ और ही मंजूर था

जब वे वहां जा रहे थे तो बस दुर्घटना हो जाने के कारण उनकी इलाज के दौरान एक टांग काटनी पड़ी जिस कारण हंसते खेलते परिवार की खुशियां गमहीन में बदल गई घर की आर्थिक स्थिति चरमरा गई पत्नी बीना देवी और पांच बेटियों के साथ रह रहे नानक चंद अपनी बेटियों को शिक्षा दिलाने में भी असमर्थ हो गए और दुखदाई जीवन जीने को मजबूर हैं

 

 

पत्नी बीना देवी ग्रहणी है और बाहर का काम कर घर का गुजारा चला रही हैं पिता के दुर्घटना के कारण पांचों बेटियां उच्च शिक्षा ग्रहण नहीं कर सकी जिस कारण उनको स्कूल छोड़ना पड़ा!

 

नानक चंद को चलने फिरने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर सरकार की तरफ से मिली थी जोकि उसके  चलने फिरने के लिए एक मात्र सहारा थी वे  व्हील चेयर जो की काफी दिनों से खराब पड़ी है सिर्फ पैसे नहीं होने के कारण से नानक का परिवार उसको ठीक नहीं करवा पाया है  !जब परिवार वालो ने अपनी बात सरकार के नुमाइंदों के सामने रखी तो  इन्हे निराशा का मुँह देखना पड़ा है अब परिवार की भगवान दानी सज्जनों व  सरकार से हाथ फैलाए मदद की गुहार है कि उनकी मदद की जाए!

क्या कहना पीड़ित नानक चंद का

नानक चंद का कहना है इस दुर्घटना ने उसके व उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है इलाज के लिए लाखों रुपए का कर्ज सिर पर चढ गया है बेटियां जवान है और इस गरीबी में उनसे शादी कौन करेगा घर की हालत भी खराब है जो दो कमरे उसने बनाए थे वह भी जर्जर हो चुके हैं एकमात्र सहारा व्हीलचेयर मिली थी बे भी खराब है पहले उस व्हीलचेयर पर मैं गांव में कहीं घूम आता था लेकिन उसके खराब हो जाने के कारण अब वैसाखियों के सहारे चला भी नहीं जाता!

 

ग्राम पंचायत सुरड़वां प्रधान सीता देवी

नानक चंद के मकान को आवास योजना के तहत प्रस्तावित कर भेजा गया है और आपके माध्यम से व्हीलचेयर का मामला संज्ञान में लाया गया है उच्च अधिकारियों को  अवगत करवा कर नानक चंद की व्हीलचेयर को को ठीक करवाया जायेगा

 

वी डि ओं इंदौरा करमचंद नरयाल

मामला मेरे संज्ञान में लाया गया है मैं उक्त पंचायत को व्हील चेयर ठीक करवाने के निर्देश दे रहा हूं और सरकार की तरफ से  जब  पीड़ित परिवार का मकान सभीकृत होता है तो उसको वे  भी  दे दिया जाएगा!

जब इस विषय पर इंदौरा विधायक रीता धीमान  से बात करनी चाहिए तो उन्होंने पहले तो फोन उठाना गवारा ना समझा लेकिन बार-बार फोन लगाने पर उन्होंने अपना फोन स्विच ऑफ कर लिया!

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