स्वस्थ रहने के लिए अब आयुर्वेद पद्धति बेहद जरूरी
September 14th, 2019 | Post by :- | 91 Views

पलवल, ( प्रवीण आहूजा )

आज के इस प्रतिस्पर्धा दौर के समय में इंसान दिन रात मेहनत के लिए ना जाने किन किन स्थानों पर कार्यस्थल पर जाना पड़ता है लेकिन जहां स्वास्थ्य की बात आती है यह इंसान अपने सुंदर से शरीर के लिए बिल्कुल भी ध्यान नहीं देता है जब विपदा की घड़ी आती है तो यही व्यक्ति बड़े बड़े अस्पताल में जाकर अपना इलाज शुरू करवा देता है अगर समय रहते हुए अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें तो वह आयुर्वेद और यूनानी पद्धति के द्वारा अपना इलाज संभव कर सकता है । यह जानकारी देते हुए हरियाणा सरकार आयुष विभाग के डॉक्टर इरफान ने बताया कि हाल ही में केंद्र सरकार के द्वारा आयुष को बढ़ावा देने के लिए यूनानी चिकित्सा केंद्र व सिद्ध क्लीनिक अनुसंधान इकाई की शुरुआत की जा रही है ।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार आयुष के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में विशेष रुचि ले रही है आयुष के इस्तेमाल से स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल हो सकती है आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत डेढ़ लाख स्वास्थ्य एवं कैशलेस सेंटर में आयुष मंत्रालय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है ।इसके अलावा देश में 12,500 आयुष स्वास्थ्य कल्याण केंद्र खोले जाएंगे इसमें चार हजार आयुष स्वास्थ्य कल्याण केंद्र इसी साल शुरू किए जाएंगे । आयुर्वेद से अच्छे स्वास्थ्य का लाभ पाने के लिए मरीज इस पद्धति को अपनाने लगा है। क्योंकि आयुर्वेद के इलाज से शरीर में  साइड इफेक्ट नहीं होता है अगर समय रहते हुए आयुर्वेद यूनानी पद्धति के तहत इलाज करवाया जाए तो यह शरीर की बड़ी से बड़ी बीमारी को जड़ से खत्म कर देती है ।इसके साथ-साथ उस मरीज को अपने खान-पान में पूरा ध्यान देना चाहिए हमेशा सात्विक  भोजन प्राप्त करें इसके अलावा योग क्रिया से वह अपने शरीर की काफी बीमारियों को दूर भी कर सकता है लेकिन हर काम में लगन और नियम बेहद जरूरी है ।

उन्होंने बताया अच्छे जीवन जीने के लिए आज आयुर्वेद की बेहद आवश्यकता है क्योंकि आयुर्वेद से ही अच्छे स्वास्थ्य की कल्पना कर सकते हैं और बीमारियों से दूर रहा जा सकता है इसकी दवाइयों से व्यक्ति हमेशा निरोगी रहता है और जो भी शरीर में बीमारी उत्पन्न होती है उसे जड़ से खत्म किया जा सकता है पहले समय में भी लोग हमेशा तंदुरुस्त रहा करते थे क्योंकि वह हमेशा आयुर्वेद पर निर्भर रहते थे लेकिन आज व्यक्ति समय ना देने के कारण इस पद्धति से से दूर रहा लेकिन बदलते समय को देखते हुए अब हर व्यक्ति आयुर्वेद का सहारा ले रहा है एक और जहां सरकारें आयुर्वेद को भी बढ़ावा दे रही है आज समय की मांग को देखते हुए देखते हुए स्थानीय लोग भी अब आयुर्वेदा सहारा लेने लगे हैं ।

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