कटारिया ने कहा कि हमारी सरकार वह काम कर रही है जिससे किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
October 12th, 2020 | Post by :- | 129 Views

अम्बाला:(अशोक शर्मा)
केन्द्रीय सामाजिक न्याय अधिकारिता एवं जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया ने कहा कि कृषि आर्थिक रिसर्च के आधार पर ही कृषि क्षेत्र में बिचौलियों द्वारा फैलाए गए भ्रष्टाचार के जाल को तोडऩे के लिये सरकार ने किसान हितेषी कानून बनाए हैं। कुछ लोग इसको लेकर किसानो को गुमराह कर रहे हैं। विपक्ष के लोगों ने अपने समय में किसानों की अनदेखी की लेकिन वर्तमान सरकार किसान हितेषी कार्य कर रही है जो विपक्षी लोगों को हजम नही हो रहा है।
कटारिया ने कहा कि हमारी सरकार वह काम कर रही है जिससे किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा। किसानों और मजदूरों ने कभी भी मेहनत करने में कमी नहीं रखी लेकिन वर्तमान सरकार के सत्ता में आने से पहले पिछली विपक्षी सरकारों ने कभी किसानों को इज्जत नहीं दी न कभी उनको मान दिया। किसानों से सिर्फ वायदे किए गए। किसानों को वोट बैंक समझने का काम किया।
कटारिया ने कहा कि विपक्षियों और उनके सहयोगियों की नींद उड़ी है ,कि जिन 3 कृषि बिलों को वो दबाए हुए थे, वो कृषि बिल इस सरकार ने कैसे पास कर दिए। यही कारण है कि वो अब नई-नई अफवाहें फैलाने में जुटे हैं। हमारे इरादे मजबूत हैं। किसानों का हक उनको मिल कर रहेगा और हमारी सरकार इसी तरह देश की जनता के हित में कार्य करती रहेगी।
कटारिया ने किसानों के हितकारी एक्ट की सराहना करते हुए विरोध करने वाले नेताओं को याद दिलाया कि अटल बिहारी वाजपयी ने अपने 1999 से 2004 के शासनकाल में किसानों की आत्महत्याओं को रोकने के लिए किसानों के हितों में बहुत से कदम उठाए थे। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने 2007 में राष्ट्रीय कृषि नीति बनाई थी। जिसके अनुसार स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को मांगते हुए किसानों को उनकी फ सलों का 1.5 प्रतिशत (ड्योडा) मूल्य दिया जाना था, परंतु यूपीए सरकार यह कदम उठाने की हिम्मत नहीं कर सकी और मोदी सरकार ने 2018-19 में इस संदर्भ में किसान हितेषी कदम उठाकर किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिये साहसिक कदम उठाए हैं। वर्तमान सरकार ने 2014 से 12 वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत किसानों की भलाई के लिए 11 योजनाएं शुरू की और 4 प्रतिशत कृषि विकास दर का लक्ष्य रखा है जोकि बहुत ही सराहनीय कदम है।

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