नालों की टैपिंग होने के बाद रिवर फ्रंट की राह होगी आसान : पं. श्रीकान्त शर्मा
October 11th, 2020 | Post by :- | 172 Views

मथुरा,(राजकुमार गुप्ता) प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नदियों की निर्मलता के संकल्प की दिशा में मथुरा-वृन्दावन आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2021 के मध्य तक नालों की टैपिंग का कार्य पूरा हो जाएगा, इसके बाद मथुरा से वृन्दावन तक रिवर फ्रंट की महत्वाकांक्षी परियोजना पर कार्य शुरू होने की राह आसान हो जाएगी। यह बात ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री पं. श्रीकान्त शर्मा ने विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान कही। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि नालों की टैपिंग, ट्रीटमेंट प्लांट, मोक्ष धाम और घाटों की स्वच्छता के जरिये यमुना को शुद्ध कर आचमन के योग्य बनाने का संकल्प पूरा होगा।

ऊर्जा मंत्री ने मथुरा में चल रहे विकास कार्यों और कानून व्यवस्था का शनिवार को रात्रि निरीक्षण किया और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। रविवार को वृन्दावन परिक्रमा मार्ग और प्रमुख घाटों का निरीक्षण किया। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में धरोहरों के संरक्षण व संवर्द्धन के साथ ही पर्यावरण की अनुकूलता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

पंचकोसीय परिक्रमा का विकास

वृन्दावन में पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग को तीर्थ यात्रियों के अनुकूल बनाने हेतु नंगे पैर परिक्रमा के लिए कच्चे मार्ग का निर्माण, परिक्रमा मार्ग का सुदृढ़ीकरण और उच्चीकरण, विश्राम करने के लिए बेंच, जलभराव न होने के इंतजाम किये जा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री ने रविवार सुबह इन कार्यों का संबंधित अधिकारियों के साथ ई रिक्शा से भ्रमण कर आवश्यक निर्देश दिये व श्रद्धालुओं से चर्चा भी की। ऊर्जा मंत्री ने घाटों की स्वच्छता व सुंदरीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। यमुना में केसी घाट से मोक्ष धाम तक नौकाविहार के दौरान अधिकारियों से रिवर फ्रंट निर्माण के प्रयासों की प्रगति भी जानी।

यमुना के गिरने वाले गंदे नाले अगले साल तक हो जाएंगे बंद

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नदियों की निर्मलता के संकल्प की दिशा में यमुना में गिरने वाले 35 गंदे नालों को बंद किया जा रहा है। इसमें 20 नाले बंद किये जा चुके हैं। बाकी कार्य वर्ष 2021 के मध्य तक पूरा हो जाएगा। मसानी STP व ट्रांस यमुना TTRO प्लांट की 480 करोड़ की लागत से 50 MLD क्षमता बढ़ाई जा रही है। यमुना में गिरने वाले गंदे नालों को बंद करने के बाद पर्यावरण अनुकूलता को आधार बनाकर ग्रीन कवर बढ़ाया जाएगा और मनोरम रिवर फ्रंट तैयार होगा।

मोक्षधाम, गौसमाधि और साधु समाधि

वृन्दावन में अंत्येष्टि के लिए मोक्षधाम का निर्माण भी 3 करोड़ 35 लाख की लागत से किया गया है। साथ ही गौ समाधि और साधु समाधि के लिए स्थान नियत किया गया है। मोक्ष धाम के कार्यों का निरीक्षण कर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इससे यमुना की निर्मलता व घाटों की स्वच्छता में भी लाभ मिलेगा। यह कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश ऊर्जा मंत्री ने दिये।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान के बाहर हो रहे कार्य साल के अंत तक हों पूरे

ऊर्जा मंत्री ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान में दर्शन कर आसपास चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। जन्मस्थान के सामने चल रहे सीवर के कार्य और रिस्टोरेशन को एक माह में पूरा कर टाइल्स लगाने व ग्रीन कवर बढ़ाने का काम साल के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिये।

प्रमुख कुंज गलियों के विकास कार्य हो जाएंगे पूरे

विश्व बैंक की प्रो पुअर पर्यटन योजना के तहत कुंज गलियों के हो रहे विकास कार्यों में वृंदावन की 45 गलियां शामिल है। वृंदावन की 22 कुंज गलियों के विकास और सौंदर्यीकरण का कार्य नये साल में पूरा हो जाएगा।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जल्द खुलने जा रहे ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के मंदिर के खुलने से पहले ही प्रमुख गलियों का कार्य पूरा हो जाएगा। इसलिए श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत नहीं होगी।

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