विद्यार्थियों को उनकी कक्षा अनुरूप सक्षम बनाने के योजना को कार्यरूप में परिणित करें अधिकारी:-डीसी।
September 28th, 2020 | Post by :- | 58 Views


अम्बाला, 28 सितम्बर:-उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने सोमवार गुगल वीसी के माध्यम से सक्षम हरियाणा विषय को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ अन्य के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए इस विषय से सम्बन्धित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि जिला अम्बाला को सक्षम बनाने में जो भी प्रशासन की सहायता चाहिए वो मुहैया करवाई जायेगी।
उपायुक्त ने वीसी के माध्यम से सक्षम अम्बाला विषय को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए कहा कि सक्षम हरियाणा के तहत अम्बाला शहर व साहा ब्लाक सक्षम हो चुका है, अन्य ब्लाकों को भी सक्षम करने के लिए हमें कार्य करना है। वीसी में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी उत्सव शाह ने उपायुक्त को अवगत करवाया कि शिक्षा विभाग के द्वारा पीटीएम के माध्यम से लगभग 73 हजार अभिभावकों को फोन करके ई-लर्निंग के बारे में जाना गया है। साथ ही उनसे यह भी जाना गया है कि यदि स्कूल खुलते हैं तो वह अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए भेजेंगे या नहीं उनके भी सुझाव जाने गये हैं। ई-लर्निंग से बच्चों की पढ़ाई में क्या सुधार हुआ है उस बारे भी जाना। इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया कि दीक्षा एप के माध्यम से अम्बाला जिला के शिक्षकों को ट्रेनिंग देने का काम किया गया है। ट्रेनिंग देने का मुख्य उद्देश्य यही है कि विद्यार्थियों को विषय के मुताबिक तैयार किया जा सके और वह पूरी तरह उस विषय पर पकड़ रखे, इसके लिए यह ट्रेनिंग टीचरों को दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि इससे जहां शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है वहीं प्रदेश में जिला प्रथम स्थान पर है जहां पर लगभग 95 प्रतिशत टीचरों ने इस ट्रेनिंग के लिए पंजीकरण किया है। जिला में लगभग 770 स्कूल हैं।
उन्होंने जानकारी के क्रम में उपायुक्त को यह भी बताया कि सक्षम विषय को पूरी तरह से लागू किया जाए, इसके लिए शिक्षा मित्र की भी सहायता भी ली जा रही है। शिक्षा मित्र का मकसद यह है कि जहां पर कोई बच्चा, जिसके पास एंड्राएड मोबाईल फोन है, उसके फोन से उसके दोस्त या फिर पड़ौसी को सहायता दी जा सकती है जोकि उसे फोन के माध्यम से शिक्षा के लिए उसकी मदद कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा सक्षम युवा या रोजगार कार्यालय के माध्यम से उच्च शिक्षा प्राप्त सक्षम या अन्य की सहायता ली जा सकती है। इसके लिए जिस बच्चे की सहायता की जानी है उसके लिए वह सक्षम उस ब्लाक के नजदीक का हो इसके लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। उपायुक्त ने डीडीपीओ को भी कहा कि वे पंचायत स्तर पर बीडीपीओ के माध्यम से लोगों को प्रेरित करें कि वे सक्षम हरियाणा के विषय को लेकर आगे आएं और अभिभावकों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर अम्बाला जिला को सक्षम बनाते हुए सभी विद्यार्थियों को उनके विषय के अनुरूप तैयार करना है ताकि वह भी आगे बढ़ सके। वीसी में एडीसी प्रीती, एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग, एसडीएम सचिन गुप्ता, एसडीएम नारायणगढ वैशाली शर्मा, एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, डीआईपीआरओ धर्मवीर, डीडीपीओ रेणू जैन सहित सभी ब्लाकों के बीईओ व अन्य मौजूद रहे।
उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ रखकर रोगों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस समय धान की कटाई का सीजन शुरू हो चुका है। धान की कटाई उपरांत फसल अवशेष/फानों को आग लगाने से वायु प्रदूषण होता है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष/फानों को आग न लगाई जाए, पराली में आग लगाने से होने वाले वायु प्रदूषण से सांस, फेफडों से सम्बन्धित बीमारियां तो होती ही हैं, सामान्य स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जीवन प्रत्याशा में कमी व असमय मृत्यु भी हो सकती है। खेतों में आग लगाने से हवा में प्रदूषण के छोटे-छोटे कणों से पी.एम. 2.5 का स्तर अत्याधिक बढ़ जाता है। इससे सिर दर्द और सांस लेने में तकलीफ होती है। अस्थमा और कैंसर जैसी बीमारियां भी हो रही हैं।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पराली को जलाने से वायु प्रदूषण होता है, मिट्टी की जैविक गुणवत्ता प्रभावित होती है, मिट्टी में मौजूद कईं उपयोगी बैक्टीरिया व कीट नष्ट हो जाते हैं। पराली को जलाने की बजाए इससे जैविक खाद बनाएं। इसका अन्य उपाय बायोमास एनर्जी, छप्पर बनाने तथा मशरूम की खेती आदि में करें और राष्ट्रीय कृषि नीति का पालन करें। यदि कोई भी किसान/व्यक्ति खेतों में पराली जलाता है तो आई.पी.सी. की धारा 188 के तहत उसे 6 महीने की जेल व 15000 रूपये तक का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं। इस बारे में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा कृषि विभाग द्वारा किसानों को विभिन्न माध्यमों के द्वारा जागरूक भी किया जा रहा है।

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