दशलक्षण पर्व का उपवास करने वाले त्यागी वृतियों का हुआ पारणा व सम्मान
September 13th, 2019 | Post by :- | 161 Views

जयपुर,(सुरेन्द्र कुमार सोनी) । जैन धर्म के पवित्र पर्वो में शुमार दाहलक्षण महापर्व गुरुवार को अनंत चतुर्दर्शी के साथ समाप्त हो गए। इस दशलक्षण पर्व के अवसर पर जैन श्रद्धालु दस दिनों तक उत्तम क्षमा आर्जव मार्दव शौच सत्य संयम तप त्याग अकिंचन और ब्रह्मचर्य धर्म का पालन करते हुए जिनेन्द्र अर्चना करते है। अखिल भारतीय दिगम्बर जैन युवा एकता संघ मानसरोवर संभाग उपाध्यक्ष सर्वेश जैन पिछले 6 वर्षों से लगातार गणिनी आर्यिका रत्न गौरवमति माताजी ससंघ सानिध्य एवं आशीर्वाद से दशलक्षण पर्व के निर्जल उपवास कर रहे है। वर्ष 2019 में सर्वेश जैन ने 6छठी बार दशलक्षण पर्व के उपवास किये है इससे पूर्व वर्ष 2011 से 2013 तक झर के तेले का उपवास (3 दिन) का भी वह कर चुके है। प्रचार मंत्री हर्षित गोधा ने बताया कि दशलक्षण पर्व का उपवास कोई भी सामान्य श्रावक कर सकता है। अधिकतर श्रावक एक बार दशलक्षण पर्व के उपवास करते है। लेकिन अगर कोई श्रावक एक बार से अधिक करता है तो वह पूरे दस वर्षों तक दशलक्षण पर्व के उपवास करते है। सर्वेश जैन के 6 वर्ष पूरे हो चुके है। अब चार वर्ष तक और इस उपवास का पालन करेंगे।

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