शिक्षा के क्षेत्र में कीर्तिमान रचने वाली डीएस साइंस एकेडमी की साख को फर्जी पंपलेट के माध्यम से बदनाम करने की साजिश: एकेडमी निदेशक उमेश शर्मा ने कहा-आईआईटी जेईई मैंस के पांचों टॉपर एकेडमी के नियमित स्टूडेंट
September 21st, 2020 | Post by :- | 134 Views

 

-एकेडमी को बदनाम करने वाले अज्ञात लोगों की अब खैर नहीं, पुलिस थाने में दी प्राथमिकी

गंगापुर सिटी। कोटा के बाद शिक्षा नगरी के रुप में उभरे गंगापुर सिटी की पहचान आज डीएस साइंस एकेडमी की बदौलत राजस्थान ही नहीं अपितु देशभर में हैं। यहां से पढ़कर निकले मेधावी कोई डॉक्टर है तो कोई इंजीनियर। यही नहीं प्रशासनिक पदों पर भी कई मेधावी काबिज है। बोर्ड परीक्षाओं के अलावा मेडिकल व इंजीनियरिंग परीक्षाओं में हर वर्ष सफलता के शिखर पर चढ़ने वाले एकेडमी की तरक्की अब प्रतिद्वंदियों को रास नहीं आ रही है। यही वजह है कि गत दिनों आए आईआईटी जेईई मैंस के परीक्षा परिणाम में डीएस एकेडमी के पांच टॉपर छात्रों को एलन कोचिंग का बताते हुए फर्जी पंपलेट शहर में डलवाए गए। इस कृत्य को एकेडमी निदेशक उमेश शर्मा ने ओछी हरकत बताते हुए कहा है कि सभी पांचों टॉपर उनके स्कूल के नियमित विद्यार्थी है और उनके पास पूरा रिकॉर्ड है। उनकी संस्था की तरक्की को अवरूद्ध करने की मंशा से असामाजिक तत्वों ने फर्जी पंपलेट डलवाकर दुष्प्रचार किया है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में थाने में प्राथमिकी दे दी गई है। बिना प्रकाशक एवं मुद्रक के नाम के किसी के खिलाफ दुष्प्रचार करते हुए डलवाए गए पंपलेटों में शामिल लिप्त लोगों की पुलिस तलाश शुरु कर रही है। फर्जी पंपलेट के भंडाफोड करने के लिए डीएस एकेडमी में एक पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। जिसमें आईआईटी जेईई मैंस में चयनित टॉपरों व उनके अभिभावकों को बुलाया गया। जिन्होंने पत्रकारों के सामने कहा कि टॉपर डीएस साइंस एकेडमी के ही स्टूडेंट है और उनका किसी भी कोचिंग से कोई लेना देना नहीं है।

निदेशक उमेश शर्मा ने बताया कि छात्र प्रजल सिंहल मण्डावरी का रहना वाला है। छात्र ने एकेडमी के पास ही रविन्द्र खण्डेलवाल के मकान में रह कर पढाई की है। छात्र प्रजल ने बताया कि वह कक्षा 11 से डीएस साइंस एकेडमी का नियमित छात्र है। छात्र ने कभी एलन कोचिंग कोटा के अंदर किसी भी प्रकार की कोचिंग नहीं ली है। छात्र की दो साल की नियमित क्लास लेने की विडियो रिकॉडिंग मोजूद है। वही छात्रा अंजलि के बारे में बताया कि वह गंगापुर सिटी की निवासी है। छात्रा कक्षा 11 व 12वी की नियमित छात्रा है। छात्र सक्षम बिन्दल ने कक्षा दसवीं एंव 11वीं में एकेडमी में फाउण्डेशन क्लास ली है। दो साल क्लास लेने के बाद छात्र बाहर पढने के लिए चला गया। भानूप्रकाश जिन्दल ने कक्षा दसवी से 12वीं तक नियमित रूप से फाउण्डेशन क्लास लेकर अध्ययन किया है। वहीं पंकज गोयल निवासी सपोटरा ने भी एकेडमी में कक्षा 11वीं व 12वीं में नियमित विद्यार्थी के रूप में अध्ययन किया है। एकेडमी निदेशक ने बताया कि ये सब असामाजिक तत्वो का कुत्सिक प्रयास निंदनीय है। पिछले दो वर्षाे से डीएस साइंस एकेडमी के खिलाफ ना हो कर गंगापुर सिटी को शिक्षा नगरी बनने से रोकने का काम है। उन्होने कहा कि वह जल्द ही इस पम्पलेट को लेकर कानूनी कार्रवाही करेंगें। इससे पहले भी डीएस साइंस एकेडमी को असामाजिक तत्वो के द्वारा फर्जी रिजल्ट को लेकर बदनाम किया गया है। दो साल पहले एवं एक साल पहले भी एकेडमी की झूठी शिकायत कर बदनाम करने का प्रयास किया गया।

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