एटीएम प्रयोग के दौरान नियमों की उड़ रही धज्जियां।
September 18th, 2020 | Post by :- | 53 Views

पंचकूला।(मनीषा) श्री मथुरादास लाजवंती सुभाष हितैषी फाउंडेशन के चेयरमैन भारत हितैषी ने बैंकों के एटीएम प्रयोग के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने पर चिंता व्यक्त की है। भारत हितैषी का मानना है कि कोरोना के दौर में लोग अपने पैसे जमा करवाने या निकलवाने के लिए बैंकों के अंदर जाने की बजाय एटीएम का अधिक प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राहक को तभी एटीएम में प्रवेश करने दिया जाए, यदि उसने मास्क पहना हो। एटीएम में प्रवेश करने से पहले बैंक कर्मचारी द्वारा प्रत्येक ग्राहक के हाथों को सैनिटाइज करवाया जाए और एटीएम प्रयोग से पहले कर्मचारी द्वारा थर्मामीटर गन से टेंपरेचर चेक किया जाए, ताकि किसी संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति द्वारा एटीएम प्रयोग से कोरोना को बढ़ावा ना मिले। भारत हितैषी ने कहा कि बैंक प्रशासन द्वारा अपने एटीएम के कीपैड, पूरी एटीएम मशीन, कमरे को और पूरे दस्तावेज हैंडल, चिटकिनी आदि को दिन में दो से तीन बार सैनिटाइज किया जाना चाहिए।
उन्होंने शहर के कई बैंकों के एटीएम में विजिट करने के दौरान पाया कि बैंक प्रशासन द्वारा इन सावधानियों का ना तो पालन किया जा रहा है और ना ही आम जनता एटीएम प्रयोग करते समय इन सावधानियों पर ध्यान दिया जा रहा है। हितैषी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बैंक प्रशासन को इन सावधानियों का सख्ती से पालन करवाने के लिए निर्देश दें। उन्होंने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि यदि उनमें बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ जैसे कोई भी लक्षण है, तो वह बैंक एटीएम का कदापि प्रयोग ना करें। आम जनता को सुझाव दिया कि एटीएम कमरे में जाने से पहले दोनों हाथों पर पतले डिस्पोजल दस्तानों को पहनकर एटीएम कीपैड का प्रयोग करें तथा एटीएम रूम से बाहर आकर उन स्थानों को डस्टबिन में फेंक दें।
महासचिव चरणजीत आहूजा, मुख्य सलाहकार बीके गुप्ता, मुख्य मार्गदर्शक एसके शर्मा, संगठन सचिव सुभाष शर्मा ने प्राइवेट लैबोटरियों के रवैया पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रोजाना बड़ी संख्या में आम जनता अधिकृत प्राइवेट लेबोरेटरी से अपने कोरोना टेस्ट करवा रहे हैं, लेकिन प्राइवेट लैब इन टेस्टों की रिपोर्ट तुरंत सिविल सर्जन कार्यालय को नहीं भेजती, जिससे कोरोना मरीज आने के बावजूद भी सरेआम बाजारों व पार्कों में लोग घूमते रहते हैं और दूसरों में संक्रमण फैला रहे हैं, जो लोग प्राइवेट लैब से टेस्ट करवा रहे हैं, वह अपना नाम व पता भी सही नहीं लिख पाते, जिससे पॉजिटिव मरीजों और उनके संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है और बीमारी फैलती है। मार्गदर्शक अमित गुप्ता, एनके खोसला, एसके वर्मा, प्रेम लाल गुप्ता,  भारत हितैषी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्राइवेट लेबोरेटरी को कड़े निर्देश दिए जाएं कि किसी भी व्यक्ति का सैंपल लेने से पहले उसका आधार कार्ड व अन्य जानकारी की पुष्टि अच्छी तरह करें। उसके बाद ही सैंपल की रिपोर्ट आते ही उसे संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन को सूचित करें। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वह ना तो इस बीमारी को हल्के में ले और ना ही सामाजिक कलंक समझें, हम सबको इसे मिलकर मुकाबला करना होगा।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।