हरियाणा में ई-संजीवनी ओपीडी के माध्यम से टेली-परामर्श सेवा शुरू की जाएगी|
September 16th, 2020 | Post by :- | 40 Views

पलवल (मुकेश कुमार हसनपुर) 16 सितंबर :-  उपायुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि हरियाणा में ई-संजीवनी ओपीडी के माध्यम से टेली-परामर्श सेवा शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बारे में गत 17 अगस्त को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक की अध्यक्षता में सभी जिलों के साथ एक वीडियो कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था।  बैठक में सभी जिलों के नोडल अधिकारी शामिल हुए।

निदेशक ने कहा कि राज्य में ई-संजीवनी ओपीडी के कार्यान्वयन को मजबूत बनाने के लिए और अधिक डॉक्टरों के नाम ई-संजीवनी ओपीडी हेतु नामांकित होने के लिए भेजें। उन्होंने कहा कि आप ओपीडी के समय के अनुसार अपने डॉक्टरों का रोस्टर बना सकते हैं ताकि उनके नियमित कार्य प्रभावित न हो। डॉक्टर विभाग द्वारा प्रदान किए गए अथवा अपने स्वयं के लैपटॉप व डेस्कटॉप का उपयोग टेली-कंसल्टेशन के लिए करते हैं। जिले में ई-संजीवनी ओपीडी चलाने के

टेली-कंस्लटेशन अनुसार वेब कैमरा और माइक्रोफोन के साथ एक लैपटॉप या डेस्कटॉप खरीद सकते हैं।
जिले के कुछ सूचना प्रौद्योगिकी कर्मी शुरूआत में ई-संजीवनी ओपीडी टेली-परामर्श सेवा के उपयोग के बारे में डॉक्टरों की सहायता कर सकते हैं। इसके उपरांत डॉक्टर ऑनलाइन परामर्श स्वयं करेंगे। जिला नोडल अधिकारी सभी डॉक्टरों को सीडीएसी द्वारा ई-संजीवनी के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण में शामिल करना सुनिश्चित करेंगे।

यह सुनिश्चित किया जाए कि मरीज ओपीडी में अपनी बारी का इंतजार कर रहे है। ई-संजीवनी ओपीडी ऐप डाउनलोड करने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को प्रोत्साहित किया जा सकता है ताकि भविष्य में रोगियों द्वारा डॉक्टर के साथ नियमित ओपीडी परामर्श किया जा सके। सभी सुविधा प्रभारी ई-संजीवनी के उपयोग के बारे में अपने कर्मचारियों को निर्देश दें ताकि वे भविष्य में नियमित ओपीडी के लिए इस ऐप का उपयोग करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का दौरा करने में मदद कर सकें। लोगों को ई-संजीवनी आपीडी के बारे में जागरूक करने के लिए ई-संजीवनी वेब आधारित और एंड्रॉइड बेसड ऐप पर बैनर और पोस्टर का नागरिक अस्पतालों, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जनता के बीच चस्पा करवाएं ताकि अधिक से अधिक लोग कोविड महामारी के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं में भीड़ से बचने के लिए ई-संजीवनी ओपीडी के माध्यम से टेली-परामर्श की सुविधा का उपयोग कर सकें।

 

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।