महाविद्यालय में हिन्दी एवं दूरदर्शन दिवस पर राज्य स्तरीय वेब संगोष्ठी का आयोजन, हिन्दी जनमानस की भाषा है : डॉ. मिश्रा
September 15th, 2020 | Post by :- | 41 Views

 

कालका, (हरपाल सिंह) : सैक्टर -1 स्थित राजकीय महाविद्यालय में हिन्दी और दूरदर्शन दिवस के अवसर पर आज हिन्दी और मीडिया विषय पर राज्य स्तरीय वेब संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालयकी प्राचार्या डॉ. अर्चना मिश्रा ने की। वहीं संगोष्ठी के विषय का प्रवर्तन हिन्दी विभाग की अध्यक्षा डॉ. कमलेश रानी द्वारा किया गया। प्राचार्या डॉ. मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा की हिन्दी देश की संपर्क भाषा है। हिन्दी व्यावहारिक रूप से देश की राष्ट्रभाषा है। देश की संस्कृति – सभ्यता सहित भारतीय जनमानस को जानने – समझने के लिए हिन्दी का ज्ञान आवश्यक है। हिन्दी दिनी दूनी, रात चौगुनी गति से चतुर्दिक विस्तार प्राप्त कर रही है।

दूरदर्शन के योगदान पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का मीडिया से सरोकार है। दूरदर्शन रूपी पौधा आज विशालकाय बरगद का रूप ले चुका है। भारतीय मीडिया के इतिहास में दूरदर्शन का योगदान कभी विस्मृत नहीं किया जा सकता है। वेब संगोष्ठी में में पं. चिरंजीलाल शर्मा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, करनाल से प्रो. रश्मि सिंह ने भाषायी शुद्धता पर अपनी बात रखी उन्होंने कहा की भाषायी अशुद्धता से बचने के लिए हमें अच्छा साहित्य पढऩा होगा, वहीं उन्होंने हिन्दी के सरल रूप को प्रचारित करने की बात कही। गुरूनानक खालसा महाविद्यालय, यमुनानगर के डॉ. उदयभान सिंह ने हिन्दी की व्यापकता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिन्दी आज अपने वैश्विक रूप में हम सबके सामने है। हिन्दी दुनिया की चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। उन्होंने कहा की दुनिया का हर छटवां व्यक्ति हिन्दी भाषी है। लिहाजा हिन्दी बोलने समय हम सभी को गौरव का अनुभव करना चाहिए।

डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय, कैथल से डॉ. अभिषेक गोयल, डॉ. सुभाष शर्मा एवं डॉ. मेहर सिंह ने संगोष्ठी के विषय पर अपनी बातें रखी। राजकीय महाविद्यालय, नारनौंद से डॉ. सतीश ठाकन ने हिन्दी की वैश्विक धमक और हिन्दी पत्रकारिता की स्थिति से सभी को परिचित कराया वहीं राजकीय महिला महाविद्यालय, फरीदाबाद की प्रो. शालिनी खुराना ने दूरदर्शन की विकास यात्रा को बड़े ही रोचक ढ़ंग से प्रस्तुत किया। वेब संगोष्ठी का आयोजन महाविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा किया गया। संगोष्ठी के आयोजन में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्रो. नवीन कुमार, डॉ. चित्रा तंवर, प्रो. कुसुमरानी और प्रो. श्रेयसी का विशेष सहयोग रहा। तकनीकी सहयोग पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थी कनिष्क आर्या का रहा। संगोष्ठी का संचालन प्रो. अनिल पाण्डेय ने किया वहीं आभार प्रो. अद्वितीय खुराना ने जताया। संगोष्ठी में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियो समेत लगभग 70 लोगों ने हिस्सेदारी की।

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