सरकार से व्यापारियों को नहीं मिला कोई राहत पैकेज : गुलशन डंग
September 15th, 2020 | Post by :- | 26 Views

व्यापारीयों के हकों के लिए सड़क पर संघर्ष की दी चेतावनी

अंबाला , बराड़ा ( गुरप्रीत सिंह मुल्तानी )

कोविड-19 की वैश्विक महामारी में सबसे ज्यादा असर देश के व्यापारियों को हुआ है, 2 महीने के लोकडाउन में व्यापारियों के उद्योग धंधे बंद होकर रह गए और सरकार की ओर से भी देश के किसी भी व्यापारी को कोई राहत पैकेज नहीं दिया गया। यह शब्द राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के हरियाणा के प्रदेश संयोजक गुलशन डंग ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहे। अग्रवाल वैश्य संगठन की ओर से व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा के लिए एक सभा का आयोजन हुआ जिसमें साहा, मुलाना, बराड़ा और उगाला के व्यापारियों ने एकत्रित होकर अपनी समस्याओं पर खुलकर चर्चा की। इस अवसर पर व्यापारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के प्रदेश संयोजक गुलशन डंग ने कहा कि जिस प्रकार जीएसटी को लेकर एक देश एक टैक्स का नारा दिया गया है उसी तरह एक राष्ट्र एक व्यापारी के नीति पर कार्य करते हुए संगठन व्यापारियों के हितों की बात राष्ट्रीय मंच पर पहुंचाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के संगठन प्राथमिकता से कार्य करेगा और शीघ्र ही संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला के नेतृत्व में संगठन देश के सभी राज्यों में अपनी अपनी समितियां तैयार करेगा जो व्यापारियों के हितों और समस्याओं की आवाज सरकार तक प्राथमिकता से पहुंचाएगा।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में व्यापारियों ने टैक्स दिए और बैंकों के ऋण, बिजली के बिल इत्यादि के साथ-साथ व्यापारियों ने सरकार को भी कोरोना महामारी में चंदा के रूप में योगदान दिया, जबकि हरियाणा सरकार ने व्यापारियों की किसी भी प्रकार से कोई सहायता नहीं की। उन्होंने कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज में से भारत के किसी भी व्यापारी को 20 पैसे तक नहीं मिले। उन्होंने कहा कि आढ़ती और किसान का चोली दामन का साथ है और जिस तरह से तीनों अध्यादेश को निरस्त करने के लिए आढ़ती मुनिम और किसान जिमींदार सभी एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाए हैं उनके समस्याओं को संगठन की ओर से समर्थन किए जाने की घोषणा की जाती है। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय महासचिव विकास गर्ग ने कहा की कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने व्यापारियों से अपने कर्मचारियों को ना निकालने का आह्वान किया जबकि टैक्स और बैंक ऋण में किसी किस्म की कोई ढील नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने यहां तक कहा कि व्यापारी टैक्स नहीं देंगे तो हम अपने कर्मचारियों को तनख्वाह कहां से देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार समाज में विभिन्न तरह की विविधताएं उत्पन्न कर व्यापारियों और आम जनता में भाईचारा खराब करने पर तुली है।

विकास गर्ग ने कहा कि उन्होंने ‘बोलो व्यापारी’ के नाम से देश के व्यापारियों की समस्याओं को भारत के प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और गृह मंत्री को पत्र सौंपकर व्यापारियों की समस्याओं बारे अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 6 महीने की ईएमआई ना भरने के फरमान के बावजूद भी व्यापारियों से आगामी किस्तों के दौरान 6 महीने का ब्याज वसूला जा रहा है। उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि जब व्यापारी का काम धंधा उद्योग सब चौपट हो कर रह गए हैं तो ऐसी स्थिति में वह किस तरह से टैक्स भरे और किस प्रकार बैंक का ऋण उतारे और यहां तक कि उस पर अपने व्यापार को संभालने के साथ-साथ अपने कर्मचारियों को रोजी-रोटी मुहैया कराने की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा की केंद्रीय वित्त मंत्री ने राहत पैकेज की घोषणा करके कोरी वाहवाही तो लूट ली जबकि बैंकों ने मोडेटेरियम के नाम पर खुली गुंडागर्दी मचा रखी है। गुलशन डंग और विकास गर्ग ने कहा की यदि सरकार ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई राहत पैकेज जारी न किया तो 18 सितंबर से संगठन की ओर से देशभर में सड़क पर संघर्ष किया जाएगा जिसका आरंभ करनाल से होगा।

उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग को व्यापारीयों और छोटे दुकानदार के लिए बहुत बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग से बाजार में ग्राहकी कम होती है जिसका नुकसान सीधे-सीधे व्यापारी को होता है। इस अवसर पर साहा के व्यापारी और समाजसेवी राजेंद्र गर्ग को राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन का बराड़ा शहरी इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस अवसर पर विकास सिंगला, अजय गर्ग, डॉक्टर कुलदीप गुप्ता, अजय जैन नॉटी, पवन गुप्ता, कुलदीप गर्ग, राजेंद्र गर्ग, तरुण अग्रवाल, संजय जैन व अजय जैन आदि उपस्थित रहे।

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