सरकारी हस्पताल पलवल में आशा वर्कर्स ने दिया धरना।
September 12th, 2020 | Post by :- | 117 Views

पलवल (मुकेश कुमार हसनपुर) 12 सितंबर :- आशा वर्कर्स यूनियन की राज्य कमेटी के आव्हान पर सरकारी हस्पताल पलवल में आशा वर्कर्स ने  धरना दिया गया । धरने की अध्यक्षता जिला उपप्रधान बबली ने  की और संचालन उप प्रधान रेखा,ने किया अपनी मांगों पर चर्चा करते हुए सीटू की नेता व आशा वर्कर यूनियन की नेता जगबती व रेखा चौ0 ने बताया कि  हरियाणा सरकार से 26 अगस्त को वार्ता हुई थी जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री के कोविड-19से ठीक होने तक 10 दिन का समय मांगा था हमारे संगठन में 15 दिन का समय दिया है और 15 दिन में हमारी मांगों का निवारण करें सरकार, अन्यथा स्वास्थ्य विभाग में बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा

उन्होंने अपनी मांगों पर चर्चा वर्क करते हुए कहा कि 2018 में लंबे आंदोलन के बाद सरकार ने हमारी मांगों को लिखित मे माना था  उन मांगों को सरकार लागू नहीं कर रही है सरकार ने माना था कि प्रमोशन में आशा वर्कर्स  से  एएनएम बनाया जाएगा । सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर फर्नीचर व आशा वर्कर को अलमारी दी जाएगी, टच का मोबाइल  दिया जाएगा ,और आशा वर्कर की जो 8 एक्टिविटी का पैसा काटा है उसमें कोई कटौती नहीं की जाएगी ।लेकिन इसके बावजूद किसी भी मांग को सरकार ने नहीं मांगा हम मांग करते हैं कि हमें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा हरियाणा सरकार  का न्यूनतम वेतन दिया जाए

हमें हरियाणा के  पैनल के अस्पतालों में फ्री इलाज की सुविधा दी जाए। हमारा पीएफ काटा जाए और हमें ई, एस ,आई ,की सुविधा दी जाए सरकार हमें एक्स्ट्रा  काम के बदले कम से कम ₹-4000 का जोखिम भत्ता दिया जाय, सर्वे के लिए सभी तरह के सामान PPE किट मास्क  सैनेटाइजर उपलब्ध कराएं ।

आज की सभा को अनीता,कलपना, बौबी भारद्वाज ने भी संबोधित किया और यदि सरकार ने हमारी मांगों को नहीं माना तो  सरकार  को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के आंदोलन का सामना करना पड़ेगा उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि चंडीगढ़ कूच के दौरान हरियाणा सरकार ने  जो 6 कर्मचारी नेताओं पर झूठे मुकदमे बनाए हैं वह वापस लिए जाएं पलवल जिला में बिजली बोर्ड के 8 कर्मचारियों पर भी कर्मचारी नेताओं पर झूठे मुकदमे वापस लिए जाय।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे editorlokhit@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।