लगातार वनक्षेत्र घटने से मनुष्यों के साथ सभी जीवों के प्राण संकट में :- आचार्य
September 11th, 2020 | Post by :- | 57 Views

पलवल (मुकेश कुमार हसनपुर) 11 सितंबर :- जीवों पर दया करें, शाकाहारी बनें, जल बचाओ, वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण के साथ प्रकृति की रक्षा करें इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण सचेतक समिति के कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। अभी पक्षी मित्रों के लिए अनेकों प्रकार के घोंसले बना कर लगा रहे हैं।पर्यावरण सचेतक समिति, पलवल के संयोजक आचार्य राम कुमार बघेल ने बताया कि लगातार घटता वनक्षेत्र और बढ़ती जनसंख्या पर्यावरण को अत्याधिक नुकसान पहुंचा रही है।

मनुष्य प्रकृति का सबसे बड़ा शत्रु बनता जा रहा है। जंगल नष्ट होने के कारण छोटे- बड़े सभी प्रकार के पशु- पक्षियों के जीवन पर भी संकट आ गया है। मनुष्य को अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ लगाकर उसकी देखभाल अवश्य करनी चाहिए। वृक्ष हम सभी के साथ सम्पूर्ण पृथ्वी को सुरक्षित रखने का एकमात्र आधार हैं। लगभग दस वर्षों से हम नियमित पक्षियों के लिए दाना- पानी रखते हैं। कोई घायल पक्षी मित्र मिलने पर उसे घर लाकर यथोचित प्राथमिक उपचार देकर उनकी देखभाल करते हैं।

गोरैया, काली चिड़िया, धोरा, तोता, कबूतर, गिलहरियां,और कौआ आदि पक्षी मित्रों के घायल मिलने पर पड़ोसी भी हमारे पास उनको छोड़ जाते हैं। अब यह हमारे जीवन की दिनचर्या में शामिल है। पर्यावरण संरक्षण बहुत जरूरी है तभी प्रकृति का संतुलन बनाए रखा जा सकता है। प्रकृति के असंतुलन के कारण अनेकों आपदाएं और महामारी विकराल रूप लेती हैं। जन क्रांति से ही हरित क्रांति लाई जा सकती है इसलिए मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम उठाने की जरूरत है।

हर जीव का प्रकृति संतुलन  को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान होता है इसलिए इन बेजुबान पशु- पक्षियों के प्राणों की रक्षा करना अत्याधिक आवश्यक है। फल व् सब्जी की खाली टोकरियों, गत्तों, मिटटी के बर्तनों एवं नारियल के खोल आदि अनेक व्यर्थ की सामग्री का सदुयोग करके हम इनके लिए घोंसले तैयार कर रहे हैं।साथ ही समय- समय पर वृक्षारोपण के साथ औषधिय पौधे वितरित करते हैं ताकि घरों में कच्चा स्थान ना होने पर इन छोटे पौधों को गमलों में लगा सकें।

हम सभी को यह समझना होगा की वृक्षारोपण, जीवों पर दया, जल बचाओ और प्रकृति की रक्षा करना हम सबका नैतिक कर्तव्य बनता है। समिति पदाधिकारी मास्टर थानसिंह, देव कुमार, एडवोकेट संजय कुमार, ईश्वरराज, अमरपाल, महेश जोगी, गजेंद्र आदि तन, मन और धन से इस अभियान में साथ मिलकर लगे हुए हैं।

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