एयरफोर्स स्टेशन अम्बाला में राफेल इंडक्शन समारोह में बतौर मुख्यअतिथि शामिल हुए फ्रांस की रक्षा मंत्री व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह-सीडीएस बिपिन रावत और एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया भी थे समारोह में उपस्थित।
September 10th, 2020 | Post by :- | 41 Views

अम्बाला (अशोक शर्मा) समारोह के मुख्य अतिथि फ्रांस की रक्षा मंत्री व राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच एक स्पेशल स्टै्रटजीक पार्टनरशिप, है जो समय के साथ लगातार मजबूत हो रहा है। भारत की स्वाधीनता के बाद, हमारे देश और फ्रांस के बीच जीवंत रक्षा सहयोग विकसित हुआ है। आपसी रक्षा सहयोग से हमारी एयरफोर्स ने फै्रंच फाईटर एयरक्राफ्ट से अपने आपको न सिर्फ लैस किया है बल्कि अनेक मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम भी दिया है। वर्ष 1965 के युद्ध में पाकिस्तान के खिलाफ हमारी विजय इस बात का गवाह है। साथियों एक बार फिर, आईएएफ ने 1999 में, कारगिल में भी यह इतिहास दोहराया था।
उन्होने कहा कि आज इनका इंडक्शन, पूरी दुनिया, ख़ासकर हमारी संप्रभुता की ओर उठी निगाहों के लिए एक बड़ा और कड़ा संदेश है। हमारी सीमाओं पर जिस तरह का माहौल हाल के दिनों में बना है, या मैं सीधा कहूँ कि बनाया गया है, उनके लिहाज से यह इंडक्शन बहुत अहम है। यह अपनी सीमाई सुरक्षा, और क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए सरकार की कमीटमैंट का भी एक बड़ा उदाहरण प्रस्तुत करता है। मुझे यह कहते हुए गर्व होता है, कि हमारी नेशनल सिक्योरिटी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी प्राथमिकता रही है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी जिम्मेवारी केवल अपनी प्रादेशिक सीमाओं तक ही सीमित नहीं हैं, हम इंडो प्रशांत क्षेत्र और हिंद महासागर में भी लगातार एक जिम्मेदार देश के रुप में विश्व शांति एवं अंतराष्ट्रीय समुदाय के साथ परस्पर सहयोग के लिये प्रतिबद्ध हैं। हमारी भूमिका इन क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही है और इसकी सराहना भी हो रही है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं में, इंडिया और फ्रांस का दृष्टिकोण एक हैं जिसके तहत हम समुद्री यातायात सुरक्षा और समुद्री डकैती जैसी चुनौतियों को सामना करने में एक दूसरे को सहयोग कर रहे हैं। यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के विस्तार और आतंक के खिलाफ लड़ाई में भी इंडिया और फ्रांस के कॉमन व्यूस रहे हैं। शक्ति वरूना और गरूड श्रृखंला की व्यायाम, गैर राज्य अभिनेता के विरुद्ध हमारी आर्मड फोर्स के प्रयासों को दर्शाते हैं। पिछले साल, यानि जुलाई 2019 में, मोंट डी मार्शन एयरबेस 118 से दोनों देशों की एयर फोर्सस का अभ्यास, हमारे बढ़ते हुए सहयोग एक शानदार उदाहरण है।
उन्होंने इस मौके पर कहा कि अपने साथी देश फ्रांस को, इंडियन डिफैंस सैक्टर में इनवैस्ट करने के लिए भी आमंत्रित करता हूँ। हमारे प्रधानमंत्री द्वारा, आत्मनिर्भर पहल के आह्वान पर, सरकार ने इस दिशा में कई प्रोग्रैसीव एवं पोजीटीव स्टैप उठाए हैं। इस राह में अनेक ऐसे नीति में सुधार किए गए हैं, जो घरेलू उद्योग के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं को भी भारतीय रक्षा क्षेत्र की ओर आकर्षित करते हैं। रणनीतिक साझेदारी मॉडल के तहत रक्षा उपकरण की विनिर्माण स्वचालित मार्ग के द्वारा 74 प्रतिशत तक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडू राज्य में दो रक्षा गलियारे की स्थापना, ऑफसेट सुधार इस दिशा में उठाए गये बड़े कदम हैं। मुझे विश्वास है कि फ्रांसीसी रक्षा उद्योग इसका लाभ उठाऐंगी और फ्रांस स्वदेशीकरण की हमारी इस यात्रा में हमारा साथी बना रहेगा। स्कोरपेन और राफेल का अनुभव निश्चित ही हमारी रक्षा साझेदारी को और अधिक बढ़ावा देने के लिए आवश्यक गति प्रदान करेंगे।
रक्षा औद्योगिक सहयोग हमारी सामरिक भागेदारी के मुख्य आधारों में से एक है। हमारी सबंध ने सहयोग के नए आयाम हासिल किए हैं। मुझे उम्मीद है, कि हमारे देशों के बीच संकेत हुए समझौता ज्ञापन दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को परस्पर लाभ पहुंचाने के लिए, भारत में एयरोस्पेस एमएसएमईस का एक पूरा इको सिस्टम बनाएगा। डिफैंस की मजबूती के पीछे हमारा उद्देश्य,हमेशा से विश्वशांति की कामना रहा है।
उन्होंने कहा कि इस मौके पर आज यहां भारतीय वायु सेना के साथियों को बधाई देना चाहूँगा की, सीमा पर हाल में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के दौरान, एलएसी के पास भारतीय वायु सेना ने जिस तेजी और सूझ-बूझ से कार्रवाई की, वह देश के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दिखाता है। आपने आगे के ठिकाने पर जिस तेजी से अपने असैटस तैनात किए, वह एक भरोसा पैदा करता है, कि हमारी वायुसेना अपने परिचालन दायित्वों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारतीय वायु सेना ने चल रहे संचालन में जो स्पीड और शुद्धता दिखाई है, उसने निश्चित ही सभी संभावित विरोधियों को हमारे देश के इरादे के बारे में सन्देश दिया है।

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