बन्द पड़े सिम को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चालू कर जालसाजी करने वाला गिरोह काबू
September 10th, 2020 | Post by :- | 135 Views

होडल, (मधुसूदन भारद्वाज), पलवल अपराध जांच शाखा पुलिस ने पांच ऐसे साईबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है जो बंद पड़े सिम कार्डो को फिर से चालू कर फर्जी दस्तावेज तैयार करते व बाद में फर्जी बैंक खाता खुलवाकर उन खातों को जालसाज लोगों को बेच देते थे। जालसाज लोग उन खातों की मदद से लोगों के पास फर्जी कॉल कर रुपये ऐंठ लेते है। साथ ही पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, एटीएम कार्ड व कार, डेबिट कार्ड व आधार कार्डो को बरामद कर लिया है। गहन पूछताछ के लिए पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लिया हुआ है।

जिला पुलिस अधीक्षक दीपक गहलावत ने बताया कि 8 सिंतबर को कैंप थाने में बाली नगर निवासी सिमरन छाबड़ा की शिकायत पर एक मामला दर्ज किया गया था। जिसमें सिमरन छाबड़ा ने बताया कि उसके व उसकी बहन दिव्या छाबड़ा के नाम से किसी ने केनरा बैंक में फर्जी खाता खुलवा रखा है। मामले की जांच सीआईए इंचार्ज अशोक कुमार को दी गई। इंचार्ज अशोक कुमार व उनकी टीम जिसमें एएसआई सुरेश कुमार,एच.सी. सिपाही श्रीचंद, नरेंद्र सोंलकी, सिपाही कपिल, राकेश, रविंद्र व सरकारी गाड़ी चालक देवीदयाल शामिल थे।

टीम ने मामले की गहनता से जांच की और तीन लोगों को रजपुरा गांव से गिरफ्तार किया गया। जिन्होंने अपना नाम तारीफ निवासी गांव रजपूरा, सलीम निवासी रनियाला खुर्द व सब्बीर निवासी उटावड़ बताया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने दो और साथियों का खुलासा किया जिनको बामनीखेड़ा गांव से गिरफ्तार किया गया जिन्होंने अपना नाम प्रवीण कुमार निवासी शमशाबाद व पंकज निवासी गांव पिंनगवा जिला नूंह बताया। आरोपियों को अदालत में पेश कर गहन पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया। आरोपियों में प्रवीण कुमार आरोपी वोडाफोन कंपनी का रिटेलर है जो तारीफ व सलीम को फर्जी फ्लैक्सी व खाली सिम कार्ड उपलब्ध कराता था।

उन्होंने बताया कि सबसे पहले आरोपी खाली सिम कार्ड खरीदते और फर्जी फ्लैक्सी के माध्यम से उन नंबरो की जांच करते जो बंद हो गए हो। क्योंकि तीन महिने बाद कंपनियों द्वारा उन नंबरो को फिर से मार्किट में जारी कर दिया जाता है। आरोपी फिर सबसे पहले उन नंबर की जांच करते जिन नंबरों पर पेटीएम लिंक है,वहां से पेटीएम खाते की जानकारी ले लेते। फिर उन नंबरो की जांच करते जिन पर आधार कार्ड लिंक हो। उन खातों से आधार कार्ड की जानकारी ले लेते। उसके बाद सारे दस्तावेज तैयार कर बैंक में ऑनलाइन के जरिए फर्जी खाता खुलवा देते और पेटीएम खातों के एटीएम भी बनवा लेते। बाद में खातों को ठगी करने वाले जालसाज लोगों को 3 हजार से 3500 रुपये में बेच देते। यदि इन पेटीएम खातों के एटीएम कार्ड जारी करा लिए जाते थे तो फिर 8 से 10 रुपये में बेचते थे।

उन्होंने बताया कि ठगी करने वाले जालसाज लोग फर्जी कॉल करके लोगों से ठगी का काम करते। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक मारुति स्विफ्ट कार, 9 मोबाइल फोन, 49 सिम कार्ड जिनमें 18 सिम कार्ड खाली है, 20 पासपोर्ट साइज फोटो, 8 डेबिट कार्ड, 3 पेटीएम एकाउंट साथ में एटीएम कार्ड व 18 आधार कार्ड बरामद कर लिए है। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया हुआ है। आरोपियों ने एक-दो अन्य जगह भी वारदातों को अंजाम दे रखा है जिनकी जांच की जा रही है।

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