किसान विरोधी तीनों अध्यदेशों को तुरंत वापिस ले सरकार :- विधायक वरूण चौधरी।
September 10th, 2020 | Post by :- | 63 Views

अंबाला , मुलाना ( गुरप्रीत सिंह मुल्तानी )

केंद्र सरकार द्वारा कृषि सुधार के नाम पर लाये गए तीनो अध्यादेश किसान,आढ़ती व मजदूर विरोधी हैं।किसानों की मेहनत/कृषि क्षेत्र के आधार पर ही देश की अर्थव्यवस्था का पहिया घूम रहा है, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद बन्द कर के किसानों का शोषण करने में लगी हुई है।ये बात हल्का मुलाना से कांग्रेस विधायक वरुण चौधरी ने आज अनाज मंडी पिपली में आयोजित ‘किसान बचाओ मंडी बचाओ’ महारैली को संबोधित करते हुए कही। इन अध्यादेशों के जरिये आने वाले समय में केंद्र सरकार किसानों को मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य को खत्म करने जा रही है। केंद्र सरकार का दावा है कि इन अध्यादेशों से किसानों को फायदा होगा लेकिन असल में किसानों को नहीं बल्कि बड़ी-बड़ी कम्पनियों को फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसान हितेषी नहीं बल्कि किसान की सबसे बड़ी विरोधी है। सरकार किसानों को बिजली बचाने के नाम पर ट्यूबवेल में पांच सितारा मोटर लगाने की बात कहती है, और इस कारण किसानों कई कई साल तक मोटर कनेक्शन भी रोक रखे हैं।परंतु यह बात अपने पर लागू नहीं करती।पानी बचाने के लिए कभी किसानों को कहा जाता है परंतु डार्क जोन में बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों में 24-24 घंटे बड़ी-बड़ी मोटरों के ट्यूबेल चलते हैं,कभी सरकार ने उनको पानी बचाने का प्रमाण जारी नही किया,सभी फरमान किसानों पर जारी किए जाते हैं। पर्यावरण बचाने के नाम पर भी किसान को आगे किया जाता है परंतु सरकार बिजली के कारखानों से होने वाले प्रदूषण के नाम पर हर महीने सेंट्रल प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को जुर्माने के तौर पर दस करोड़ आसी लाख रुपए हर महीना जुर्माने के तौर पर भरती है।

उन्होंने कहा है कि सरकार किसानों को बेवजह परेशान ना करें।किसानों पर नए नियम थोपने से पहले वहनियम अपने पर जारी करें। किसान देश का अन्नदाता है और अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।इसलिए मजबूरी में उसे सड़कों पर उतरना पड़ा है। लेकिन सरकार तानाशाही रवैए से लाठियो के बल पर दबाना चाहती है। हम इस आंदोलन में किसान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

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