उपायुक्त ने एक वाक्य के माध्यम से बताया कि चाहे निवाला कम खाया करो, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाया करो।
September 5th, 2020 | Post by :- | 21 Views

अम्बाला :(अशोक शर्मा)
उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने शनिवार वीसी के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों की बैठक लेते हुए शिक्षकों को शिक्षा दिवस की बधाई देते हुए कहा कि 5 सितम्बर को यानि आज के दिन पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयन्ती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जाती हैं। उन्होने कहा कि माता-पिता और गुरू ही ऐसे होते है जो बच्चों को आगे बढऩे के लिए निरन्तर प्रेरणा देते हैं। माता-पिता और गुरू ही ऐसे है जो चाहते हैं कि उनके बच्चें जीवन में उनसे आगे बढ़ते हुए देश के नवनिर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने कहा कि दूसरें लोगों को तो ईर्ष्या हो सकती है लेकिन गुरू और माता पिता ही ऐसे व्यक्तितव होते है जो अपने बच्चों, विद्यार्थियों को जीवन में अपने सेआगे ब?ते देखना चाहते है।
उपायुक्त ने सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के संकट में भी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को ऑनलाईन कक्षाओं के माध्यम से निरन्तर शिक्षा प्रदान करके अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहें हैं। शिक्षकों के कार्य के प्रति यह निष्ठा अभिनंदनीय एवं प्रंशसनीय है। उन्होंने आगे भी शिक्षकों को कहा कि बेशक कोरोना में विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हुई हैं, लेकिन उन्होंने ऑनलाईन शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य को देखते हुए जो कार्य कर रहे है वह आगे भी निरन्तर करें। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक ही ऐसे व्यक्तितव होते है जो देशभक्त, चिंतक और विचारक बनाते हैं। उन्होनें सभी शिक्षकों से कोविड-19 के दृष्टिगत जो गाईडलाईन है उसकी अनुपालना करते हुए विद्यार्थियों को भी इस बारे जागरूक करने के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी व निजी स्कूलों के विद्यार्थियों में किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए, बल्कि बेहतर करने की स्पर्धा होनी चाहिए और स्पर्धा के तहत शिक्षकों को विद्यार्थियों को तैयार करना चाहिए ताकि वह जीवन में आगे बढ़ते हुए अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें।
उपायुक्त ने एक वाक्य के माध्यम से बताया कि चाहे निवाला कम खाया करो, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाया करो। शिक्षा ही एक ऐसी पूंजी होती जो जीवन भर साथ रहती है इसीलिए सभी को अपने बच्चों को संस्कारमय बनाते हुए उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक ही विद्यार्थियों के लिए प्रेरक होते है और उन द्वारा जो शिक्षा दी जाती है उसे ग्रहण करके विद्यार्थी अपनी मंजिल को हासिल करता हैं। शिक्षक की प्रेरणा से जिंदगीयां बदल जाती हैं। जो कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आज के विद्यार्थी कल के भविष्य हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी मातृ भाषा हिन्दी हैं। शिक्षकों को विद्यार्थियों को हिन्दी भाषा के ज्ञान के साथ-साथ इंग्लिश ग्लोबल भाषा और ग्रामर का भी ज्ञान देना चाहिए। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह के साथ-साथ स्कूलों के प्रिंसीपल ऑनलाईन वीसी में मौजूद रहें।
उपायुक्त ने शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा दान सबसे बड़ा दान है जिसके माध्यम से शिक्षक एक साधारण व्यक्ति को जीवन में सफल व्यक्ति बनने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है और इसे केवल डयूटी तक सीमित न रखकर सेवा भाव से बांटने की आवश्यकता है। उन्होंने अध्यापकों का आहवान किया कि वे शिक्षा स्तर में सुधार के लिए राज्य सरकार की सक्षम योजना में जिला अम्बाला को अग्रणी बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें।

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