सावधान: साइबर ठग गिरोह सक्रिय: बीओबी लीड बैंक के अतिरिक्त जिला प्रबंधक की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर परिचितों से मांगे 10 से 20 हजार
September 5th, 2020 | Post by :- | 45 Views

सावधान: साइबर ठग गिरोह सक्रिय: बीओबी लीड बैंक के अतिरिक्त जिला प्रबंधक की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर परिचितों से मांगे 10 से 20 हजार

– परिचितों को पहले फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और स्वीकार करने के बाद मैसेंजर पर मैसेज कर मांगे रुपए

करौली। कोरोना काल के बीच साइबर ठग गिरोह इन दिनों सभी क्षेत्रों में सक्रिय बने हुए हैं। कुछ दिन पहले कौन बनेगा करोड़पति की लॉटरी निकलने का झांसा देकर ऑनलाइन रुपए मांगने का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर परिचितों से रुपए मांगने का मामला सामने आया है। किसी बदमाश ने करौली बीओबी बैंक के अतिरिक्त जिला प्रबंधक कैलाशचंद शर्मा की फर्जी फेसबुक आईडी बना ली। इसके बाद उनके परिचितों को पहले फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और फ्रेंड रिक्वेस्ट लेने के बाद 10 से 20 हजार रुपए मांगे। शुक्रवार को सुबह अतिरिक्त जिला प्रबंधक के पास कई परिचितों के रुपए मांगने को लेकर फोन आए तो उन्हें ठगों की जालसाजी का पता चला। इसके बाद उन्होंने अपने सभी परिचितों को वाटसअप कर एवं फेसबुक पर किसी भी तरह से रुपए नहीं डालने के लिए सावचेत कर दिया।

मैसेंजर संदेश भेजकर मांगे रुपए

राजीविका मिशन में हिंडौन ब्लॉक इंचार्ज दिगम्बर सिंह से भी ठग ने 10 हजार रुपए मांगे। दिगम्बर सिंह ने बताया कि

जालसाज ने पहले फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और इसके स्वीकार होते ही मैसेंजर पर संदेश भेजकर किसी से 15 तो किसी से 20 हजार रुपये मांगे। बताया कि गुरुवार की रात वह मोबाइल पर ऑनलाइन था। करीब 11 बजे बीओबी के लीड बैंक के अतिरिक्त जिला प्रबंधक कैलाशचंद शर्मा की प्रोफाइल वाली फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिसे स्वीकार कर लिया। इसके बाद हालचाल पूछने के बाद 10 हजार की जरुरत होने पर एक फ्रेंड के पेटीएम नंबर पर 10 हजार रुपए डालने की बात कही। जिस पर उसने कहा कि वे वाटसअप पर मैसेज कर दें। जब मैसेज आया तो ठग का दूसरा मोबाइल नंबर था। ऐसे में वह चाल समझ गया। इसकी जानकारी उन्होंने कैलाश शर्मा को दी। इसी तरह कई लोगों ने भी कैलाश शर्मा को इस बारे में बताया।

इनका कहना है-

बीओबी लीड बैंक के अतिरिक्त जिला प्रबंधक कैलाशचंद शर्मा का कहना रहा कि किसी ने उनकी फर्जी आईडी बना ली थी। शुक्रवार को कई परिचितों के उनके पास फोन आए कि आपने रुपए मांगे है क्या। जिस पर उन्हें फर्जीआईडी बनाने की जानकारी मिली। उन्होंने अपने सभी परिचितों को सावधान कर दिया है। साथ ही लोगों से भी कहना चाहूंगा कि बिना बातचीत किए किसी को रुपए नहीं डाले।

ठगों की जालसाजी में नहीं आकर पुलिस को करें शिकायत

डीएसपी किशोरीलाल का कहना रहा कि साइबर ठग किसी भी तरीके से लोगों को चंगुल में फंसाकर रुपयों की मांग कर सकते हैं। ऐसे ठगों से सावधान रहना चाहिए। साथ ही ऐसे किसी भी मामले से पुलिस को अवगत कराना चाहिए ताकि पुलिस ठगों तक पहुंच सके।

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