कुरुक्षेत्र उपायुक्त ने कहा खेतों में खडे फानों और पराली को आग लगाने पर दर्ज होगी एफआईआर ।
September 4th, 2020 | Post by :- | 479 Views

कुरुक्षेत्र,( शिवचरण ) । उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ कहा कि खेतों में खडे फानों और पराली में आग लगाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इस जिले में जीरो टोरलैंस पॉलिसी के आधार पर कार्य किया जाएगा और प्रयास किया जाएगा कि इस बार कुरुक्षेत्र जिले में जीरो बर्निंग के लक्ष्य को पूरा किया जाए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषि विभाग की तरफ से 21 गांवों को रैडजोन और 108 गांवों को ओरेंज जोन के रूप में चिनहित किया गया है। अहम पहलु यह है कि इन गांवों में कृषि विभाग के एडीओ, पटवारी और ग्राम सचिव नजर रखने के लिए नियुक्त किए गए है।

उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ वीरवार को लघु सचिवालय  कार्यालय में कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित कर रही थी। इससे पहले फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने वीसी के माध्यम से जिला उपायुक्तों, कृषि अधिकारियों, एफपीओ, सीएचसी के संचालकों तथा प्रगतिशील किसानों के साथ विस्तार से चर्चा की और कहा कि पिछले वर्ष पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई थी, लेकिन इस वर्ष का लक्ष्य निर्धारित करके पराली की जीरो बर्निंग होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धान का सीजन शुरू होने वाला है, इससे पहले प्रत्येक जिले में पराली न जलाने को लेकर एक कार्य योजना तैयार की जाए, जिसके तहत गांव-गांव पहुंचकर किसानों को जागरूक किया जाए और इस बुराई को रोकने के लिए सामाजिक आंदोलन का रूप दें। वीसी में कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, पंचायत विभाग के प्रधान सचिव सुधीर राजपाल, कृषि विभाग के महानिदेशक विजय कुमार ने भी कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि कुरुक्षेत्र जिले में किसानों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव में पंचायतों के माध्यम से शिविर लगाएं जाएंगे और इन शिविरों में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ जन प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा। इसके अलावा ब्लॉक और जिला मुख्यालयों पर भी जागरूकता शिविर लगाएं जाएंगे। इस जिले में आदेशों की पालना करवाने के लिए जिला स्तर पर डीआरओ और ब्लॉक स्तर पर बीडीपीओ की अध्यक्षता में कमेटियों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस समय कोरोना प्रकोप काफी बढ गया है, इसलिए ऐसे समय में पराली को आग लगाने से लोगों में और परेशानियां बढ सकती है। इसलिए किसानों को इस गंभीर विषय के प्रति ध्यान देना होगा। इस जिले में सैनसन पेपर प्राईवेट लिमिटेड और हिंद समाचार गु्रप की तरफ से पराली प्रबंधन का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीएचसी (कस्टम हेयरिंग सैंटर) में आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता करवाई जाएगी और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को न्यूनतम किराया पर  मिले ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इन यंत्रों का प्रयोग करके पराली को जलाने की बजाय उसका समुचित प्रबंधन कर सके।

उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित कृषि उपकरण सरकार की ओर से सीएचसी में 80 प्रतिशत अनुदान राशि पर दिए जाते हैं। हाल ही में कृषि विभाग ने निर्णय लिया कि लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 100 प्रतिशत उपकरणों में से 70 प्रतिशत उपकरण इनके लिए आरक्षित हों। उन्होंने यह भी बताया कि बेलर का प्रयोग करने वाले लघु एवं सीमांत किसानों को प्रति एकड़ 1 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी कृषि विभाग द्वारा दी जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी फील्ड में रहकर किसानों को जागरूक करने का काम करेंगे, प्रत्येक गांव में जाकर किसानों से रूबरू होंगे और पराली जलाने से होने वाले नुक्सान की विस्तार से जानकारी देंगे।

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